भिण्ड। शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से आयोजित कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में गंगा जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली। यज्ञ मंडप में आयोजित गोद भराई संस्कार में कई गर्भवती मुस्लिम महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। काले बुर्के में पहुंची मुस्लिम महिलाओं की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गोद भराई और पुंसवन संस्कार किया गया।
दरअसल भिण्ड जिले के मेहगांव कस्बे में चार दिवसीय 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया है। यज्ञ में सभी जातियों औऱ धर्मों के लोग सम्मलित हो कर पूण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यज्ञ कार्यक्रम के अलावा इसमें संस्कार गोष्ठियों का भी आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में महिलाएं, बच्चे, बड़े बूढ़े सभी हिस्सा ले रहे हैं।
महायज्ञ के तीसरे दिन सोलह संस्कारों में से एक संस्कार पुंसवन संस्कार का आयोजन किया गया। इसमें हजारों गर्भवती महिलाओं की गोद भराई के साथ पुंसवन संस्कार किया गया। इस धर्म संस्कार कार्यक्रम की ख़ास बात यह थी कि जहाँ एक तरफ पीले वस्त्रों में हजारों महिलाएं यज्ञ में दिख रही थी वहीँ दूसरी ओर काले बुर्के में कई गर्भवती मुस्लिम महिलाओं ने भी गोद भराई कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पुंसवन संस्कार कराया।
दरअसल शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में 10 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें यज्ञ के अलावा संस्कार कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें जाति धर्म के भेद भाव को दरकिनार कर सभी जाति धर्म के महिला पुरुष हिस्सा ले रहे हैं। यह यज्ञ गायत्री परिवार के स्थानीय पदाधिकारी अशोक भारद्वाज के संयोजन में आयोजित किया जा रहा है जिसमें शान्ति कुंज हरिद्वार से कई यज्ञाचार्यों के अलावा संस्काराचार्य भी हिस्सा लेकर सामाजिक सोहाद्र का वातावरण निर्मित कर रहे हैं।
संस्काराचार्य का कहना है कि जब महिला गर्भवती होती है तभी उसके संस्कार कराये जाने पर उत्तम संस्कारवान संतान जन्म लेती है औऱ देश उत्थान व कल्याण करती है। इसी बात को शहर काजी भी मानते है कि संस्कारवान बच्चे पैदा करने के लिये उनमें पैदा होने से पहले मां के गर्भ से ही संस्कार डालने से आने वाली संतान बेटा हो या बेटी उच्च विचारों वाली ही उतपन्न होगी।
