April 26, 2026

इंदौर में अत्याचार का बड़ा मामला राज्य शासन से बड़ा प्रिंसिपल

एक्सपोज़ टुडे,इंदौर ।
इंदौर के गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज में प्रिंसपल डॉ विनायक पांडे प्रदेश सरकार और हायर एजुकेशन के आदेशों को दरकिनार कर दलित छात्रों को बीए फ़र्स्ट ईयर में कॉलेज में एडमिशन नहीं दे रहे हैं। जबकि कॉलेज में सारी सीटें ख़ाली हैं लेकिन एडमिशन नहीं दिया जा रहा ।

अनियमितताओं के लिए शुमार गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज अब छात्रों के साथ मनमानी पर उतर आया है। मामला बीए फ़र्स्ट ईयर में एडमिशन का है । दरअसल इस कॉलेज की संबद्धता पाणिनि संस्कृत यूनिवर्सिटी उज्जैन से है ।
पिछले समय बीए फ़र्स्ट ईयर में 270 छात्रों को एडमिशन दिया गया था इस बार केवल 60 सीटों पर ही मनमानी कर समय से पहले एडमिशन बंद कर दिया है।

एडमिशन कमेटी के चेयरमैन का इस्तीफ़ा
कॉलेज की एडमिशन कमेटी के प्रभारी डॉ गोपाल कृष्ण शर्मा को प्रिंसपल डॉ विनायक पांडे ने कहा की आप ऐसा लिख कर दो की एडमिशन संभव नहीं है । इस पर इस विवाद के बाद प्रभारी डॉ गोपाल कृष्ण शर्मा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।

कॉलेज के सारे प्रोफ़ेसर चाहते है सभी बच्चों को समान रूप से एडमिशन मिले । डॉ अरुणा कुसमाकर का कहना है उच्च शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार के नियम भी इस कॉलेज में नहीं माने जाते।
वहीं फ़र्स्ट ईयर के छात्रों को पढ़ाने वाले शिक्षक मुजालदा का कहना है यहाँ प्रिंसिपल डॉ पांडे की मनमानी चलती है ।

एडिशनल डायरेक्टर का आदेश नहीं माना
एडिशनल डायरेक्टर हायर एजुकेशन डॉ सुरेश टी सिलावट भी प्रभारी प्रिंसिपल डॉ पांडे लिखित में आर्डर दे चुके हैं की छात्रों को एडमिशन दो लेकिन प्रभारी प्रिंसिपल डॉ पांडे किसी भी आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं है ।

Written by XT Correspondent

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