देवास। पुलिस ने ऑनलाइन गेम के जरिए लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी लोगों को ऑनलाइन गेम में रुपए लगाकर पैसे कमाने का लालच देते थे। लेकिन आरोपियों ने खुद ही ऐसा गेम बनाया था जिसमें लोग रुपए जीतने के बजाय हारते ही चले जाते। मामले में पुलिस ने पांच लोगों को आरोपी बनाया है।
दरअसल देवास जिले के बागली थाना में धर्मेन्द्र पिता मुन्नालाल पटेल ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि संजय शर्मा नाम के युवक ने उसके साथ धोखाधड़ी करके लाखों रुपए ठग लिए। धर्मेन्द्र ने अपनी शिकायत में बताया कि संजय ने उसे ऑनलाइन गेम में पैसे जीतने के लालच दिया था। संजय ने मेरे मोबाइल में एप्लीकेशन डाउनलोड करके मुझे आईडी और पासवर्ड दिए। मैंने जब गेम खेलना शुरू किया तो पता चला कि मैं जिस नंबर पर पैसे लगाता वह अंक नहीं खुलता था। उन लोगो ने सॉफ्टवेयर ही इस तरह बनाया था कि खेलने वाला रुपए हारते ही चला जाता।
पुलिस ने इस मामले में धर्मेन्द्र की शिकायत पर संजय शर्मा निवासी इंदौर, सिद्धार्थ चौरिसया, अविनाश चौरिसया, अरुण सोमन और लेस्ली थामसन निवासी कोच्ची के खिलाफ केस दर्ज किया है।
बता दे कि आरोपी सिद्धार्थ के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उसके पिता पान बेचकर परिवार का भरण पोषण करते थे। सिद्धार्थ ने साल 2012 में बैंक कर्मचारी के रूप में नौकरी शुरू की। कुछ समय बाद उसने नौकरी छोड़ अपराध की दुनिया में कदम रखा। ऑनलाइन गेम के माध्यम से लोगों के साथ धोखाधड़ी करके जल्द ही उसने जमीन, फ्लैट, कार और पाश एरिया में ऑफिस खरीद लिया। उसने मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की। आरोपी के अनुसार उसके द्वारा बनाई गई फर्जी वेबसाइट का टर्न ओवर प्रतिमाह लगभग 20 करोड़ है।
