धार। शिक्षकों के प्रयास और ग्रामीणों के सहयोग ने सरकारी स्कूल को निजी स्कूल से भी बेहतर बना दिया है। स्कूल की सभी कक्षाओं में रेंक, ग्रीन बोर्ड, ऑडियो सिस्टम, सायरन, सरस्वती माता मंदिर, वाटर कूलर, पंखे, पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध है। स्कूल में बच्चों को संगीत भी सिखाया जाता है।
कुछ सालों पहले धार जिले के मोसार ग्राम में संचालित माध्यमिक विद्यालय की हालत प्रदेश के अन्य सरकारी विद्यालयों की तरह ही थी। स्कूल में अनेक आवश्यक सामग्रियों का अभाव था। ऐसे में स्कूल के शिक्षक ओंकारलाल पाटीदार ने क्षेत्र के लोगों से संपर्क स्कूल की समस्याओं के बारे में बताया और समस्याओं के निराकरण के लिए जनसहयोग से संसाधन जुटाए।
शिक्षकों के प्रयास और ग्रामीणों के सहयोग का ही परिणाम है कि आज स्कूल की सभी कक्षाओं में रेंक, ग्रीन बोर्ड, ऑडियो सिस्टम, सायरन, सरस्वती माता मंदिर, वाटर कूलर, पंखे, पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध है। स्कूल को बदनावर जनपद पंचायत सीईओ ने गोद लिया हुआ है।
स्कूल में बच्चों को शीघ्र एवं सरलता से शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया जाता है। बच्चों को गीतों के माध्यम से वर्णमाला सिखाई जाती है। इसके अलावा बच्चों को आकर्षित करने के लिए दीवारों पर चित्रकारी कर रंग रोगन किया जाता है। स्कूल में संगीत की शिक्षा भी दी जाती है।
