सीहोर। महिला दिवस पर सीहोर में लड़कियों ने सामाजिक कुरीतियों को दरकिनार कर अपने दादाजी को मुखाग्नि दी। लड़कियों के निर्णय का समाज के अन्य लोगों ने भी समर्थन किया। समाज के लोग इनके निर्णय की तारीफ़ कर रहे हैं।
हमारे समाज में महिलाओं का शमशान में जाना वर्जित है। लेकिन समय के साथ-साथ समाज में भी धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है। महिला दिवस पर ऐसा ही उदहारण सीहोर जिले के श्यामपुर तहसील में देखने को मिला। यहाँ एक बुजुर्ग की मौत पर उनकी पोतियों ने उन्हें मुखाग्नि दी।
दरअसल लड़कियों के पिता का 20 साल पहले देहांत हो चूका है। ऐसे में लड़कियों का पालन-पोषण उनके दादाजी ने ही किया था। महिला दिवस पर दादाजी की मौत हुई तो उनकी पौती एमबीबीएस डॉक्टर स्वाति सोलंकी ने मुखाग्नि देने का निर्णय लिया। उनका निर्णय समाज में एक उदाहरण बना।
