भोपाल। बुधवार अल सुबह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ बागी विधायकों से मिलने के लिए बेंगलुरु के रमादा होटल पहुंचे। हालाँकि कर्नाटक पुलिस ने दिग्विजय सिंह को होटल के बाहर ही रोक दिया। इसके बाद दिग्विजय सिंह सहित सभी कांग्रेस नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
दरअसल मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार लगातार अपने बागी विधायकों को मनाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, आरिफ मसूद और कुणाल चौधरी बेंगलुरु पहुंचे। लेकिन कर्नाटक पुलिस ने किसी भी कांग्रेस नेता को बागी विधायकों से मिलने नहीं दिया। इसके बाद दिग्विजय सहित कांग्रेस के अन्य नेता रिजॉर्ट के सामने ही धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि, ‘मैं मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार हूं, 26 मार्च को मतदान होना है। मेरे विधायकों को यहां रखा गया है, वे मुझसे बात करना चाहते हैं, उनके फोन छीन लिए गए हैं, पुलिस मुझे यह बोलने नहीं दे रही है कि विधायकों खतरा है। मेरे पास हाथ में ना बम है, ना पिस्तौल है और ना हथियार है। फिर भी पुलिस मुझे क्यों रोक रही है।‘
वहीँ दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि, ‘विधायक निजी नागरिक नहीं हैं। वो लाखों जनता/वोटरों के प्रतिनिधि हैं। विधायक को अगर कोई संकट है तो संवैधानिक व्यवस्था है कि वे स्पीकर को मिलें, या सदन पटल पर बोलें या पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधियों से कहें। अन्य कोई भी तरीक़ा लोकतंत्र का अपहरण है।‘
