जबलपुर। विलुप्त हो चुकी कनाड़ी नदी करीब 45 साल बाद एक बार फिर से पुनर्जीवित होने जा रही है। मनरेगा के तहत कनाड़ी नदी को फिर से जिंदा किया जा रहा है। कनाड़ी नदी के पुनर्जीवित होने से सिहोरा-मझौली की 31 पंचायतों को सिंचाई और पीने का पानी मिलने लगेगा।
बता दे कि सिहोरा के मौहसाम गांव का कनाड़ी धाम उसका उद्गम स्थल है और यह सुहार मुरेठ नदी मझौली में मिल जाती है। लेकिन लोगों के धीरे-धीरे कब्ज़ा करने से नदी नाले के रूप में बदल गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे नदी ही विलुप्त हो गई। अब अधिकारी लोगों के कब्जे हटाकर नदी को एक बार फिर से पुनर्जीवित करने जा रहे हैं।
इसके लिए 127 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। 63 किलोमीटर कनाड़ी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए मनरेगा के तहत काम किया जा रहा है। एक साल में इस काम को पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। इसके पुनर्जीवित होने से सिहोरा-मझौली की 31 पंचायतों को सिंचाई और पीने का पानी मिलने लगेगा।
