छतरपुर। बुंदेलखंड में एक किसान गाय के बछड़े को बचाने के लिए जान पर खेलकर जलती हुई झोपड़ी में घुस गया। हालांकि इस दौरान झोपड़ी का जलता हुआ छप्पर किसान और बछड़े पर आ गिरा। इस हादसे में बछड़े की मौत हो गई जबकि किसान की हालत गंभीर बनी हुई है और वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
घटना छतरपुर जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर पिपट थाना क्षेत्र के ग्रामनलखनगवां की है। यहाँ रहने वाले 40 वर्षीय किसान प्रागी अहिरवार अपने खेत पर काम कर रहा था। इस दौरान उसकी पत्नी ने खेत की नरवाई और कवार जलाने के लिए आग लगा दी। भरी दोपहरी में आग बढ़कर और उड़कर पास ही बनी घास फूस की झोपड़ी तक जा पहुंची। घास-फूस के कारण पलभर में ही झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी।
इस बीच गाय के बछड़े की आवाज आई तो किसान को आग लगने का पता चला। किसान ने देखा कि गाय का बछड़ा जलती हुई झोपड़ी में फंसा हुआ है। ऐसे में वह बछड़े को बचाने जलती आग में कूद गया और बछड़े के पास तक पहुंचा। लेकिन इसी दौरान झोपड़ी का जलता हुआ छप्पर दोनों पर गिर गया। तब तक वहां आसपास के खेतों से लोग पहुंच चुके थे। उन्होंने जैसे-तैसे किसान को बाहर निकला लेकिन बछड़ा बंधा होने के कारण न निकाल सके। वह वहीं जिंदा जलकर मार गया।
वहीं किसान को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और वह ज़िन्दगी और मौत के बीच झूल रहा है। किसान के परिजनों की माने तो इस आग में उनका सब कुछ जलकर खाक हो गया। झोपड़ी में किसान का गेहूं, राशन, पानी, रुपया, पैसा, कपड़े और गृहस्ती सब थी, जो जलकर ख़ाक हो गई। फिलहाल अब वे दाने-दाने को मोहताज हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं।
