May 4, 2026

पत्थर हुआ सिस्टम, नवजात के शव को लेकर भटकता रहा पिता

इंदौर। सरकारी अधिकारी जनता की समस्याओं को लेकर कितने संवेदनहीन है यह एक बार फिर इंदौर में देखने को मिला। इंदौर में एक पिता अपनी बच्ची के शव को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के घर से लेकर अस्पताल और थाने के चक्कर काटता रहा लेकिन कहीं उसकी सुनवाई नहीं हुई। पिता अपनी बेटी के शव का पोस्टमार्टम कराना चाहता है।

दरअसल उज्जैन के रहने वाले विनोद कुमार पुष्पक की पत्नी ने 21 सितंबर को उज्जैन में बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के बाद बच्ची को तबियत बिगड़ी तो वह अपनी पत्नी और बच्ची को लेकर इंदौर के एमटीएच प्रसूति गृह पहुंचे। यहाँ पहले तो डॉक्टरों ने बच्ची का गंभीरता से इलाज नहीं किया और जब शिकायत की तो ब्लड की कमी बताकर बच्ची को एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया।

एमवाय अस्पताल जाने पर पता चला कि बच्ची की हालत सीरियस है। डॉक्टरों ने बच्ची को खून की कमी बताई। डॉक्टरों ने रात में जाँच की व्यवस्था नहीं होने का कहकर सुबह जाँच करने की बात कही। इसका नतीजा यह हुआ कि रात में ही बच्ची की मौत हो गई।

बच्ची की मौत होने पर जब परिजनों ने विरोध किया तो स्वास्थ्य कर्मियों ने कह दिया कि माँ का दूध पिलाने से बच्ची की मौत हुई है। जब बच्ची के पिता ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की तो अस्पताल प्रशासन ने बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया।

बच्ची की मौत से दुखी पिता उसके शव को लेकर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के बंगले पर पहुंचे, लेकिन यहां से उसे फिर एमवाय अस्पताल भेज दिया गया। जब पिता एमवाय अस्पताल पहुंचे तो उसे वहां से पुलिस चौकी भेज दिया। इसके बाद पिता बच्ची के शव को लेकर पुलिस चौकी पहुंचे तो वहां कह दिया कि जब तक डॉक्टर नहीं कहेंगे शिकायत नहीं लिखी जाएगी।

इससे परेशान होकर पिता अंत में बच्ची के शव को हाथ में लिए कलेक्ट्रेट पहुंच गए। जहाँ कलेक्टर ने सीएमएचओ को बुलाकर पूरे मामले की जांच के बाद संबंधित मामले में तत्काल कार्यवाही के आदेश दिए हैं।

Written by XT Correspondent

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