बुरहानपुर। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान से प्रभावित होकर प्रदेश के निजी अस्पताल ने अनूठी पहल शुरू की है। अस्पताल प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि अस्पताल में भर्ती प्रसूता को अगर बेटी होती है तो उसके परिवार से किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पीएम मोदी के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी स्तर पर कई योजनाएं भी चल रही है। लेकिन बुरहानपुर के निजी अस्पताल मेट्रो मेडिकेयर भी इस अभियान में अपना योगदान दे रहा है। अस्पताल संचालन समिति ने निर्णय लिया है कि अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती होने वाली प्रसुता अगर बालिका को जन्म देती है तो उसके परिवार से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अस्पताल के डॉक्टर व संचालन समिति का कहना है कि अकेले सरकार के अभियान चलाने से देश की बेटियों का विकास नहीं होगा। समाज को भी इस अभियान में अपना योगदान देना चाहिए। लड़के-लड़कियों के बीच लिंगानुपात को बढ़ाने की यह छोटी सी कोशिश है। अस्पताल की इस पहल से यहाँ भर्ती होने वाली प्रसुता और उनके परिजन भी काफी खुश है।
