सागर। मध्यप्रदेश के सागर में आइसोलेट सेंटर में लोगों को फफूंद लगा खाना परोसने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में खाना सप्लायर गलती से सड़ा हुआ खाना परोसने की बात कह रहा है। वहीँ मामला सामने आने के बाद विरोध कर लड़कियों को आइसोलेट सेंटर से उनके घर शिफ्ट कर दिया। इसको लेकर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
दरअसल सागर में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कोरोना संग्धित को आइसोलेट सेंटर में 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जा रहा है। लेकिन इन सेंटरों से लापरवाहियां भी सामने आ रही है। ताजा मामला ज्ञानोदय आइसोलेट सेंटर का हैं जहां लोगों को दुर्गंध वाला खाना भेज दिया गया। जिन्हें यह खाना मिला हैं उनका कहना है कि रोटियां और सब्जी में फफूंद लगी हुई थी जबकि दाल सड़ी हुई, चावल से बदबू आ रही थी। ऐसा खाना खाने से हम बीमार पड़ जाएंगे। इनकी शिकायत पर डायल 100 भी पहुँची।
इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा हैं। वीडियो में खाना सप्लायर गलती से ख़राब खाना परोसने की बात कहता नजर आ रहा है। वह कह रहा है कि गलती से यह थाली यहां आ गई है। उसने हाथ जोड़कर क्षमा मांगी। पास में खड़ा पुलिस कर्मी भी कहता दिख रहा है कि इन्हें दूसरा खाना मंगवा दो। बाद में उन्हें खाना दिया गया है।
बता दे कि ख़राब खाने की शिकायत करने वाली तीन लड़कियां इंदौर से सागर आई है। इन्हें दो दिन टीवी हॉस्पिटल में रखने के बाद रविवार को ज्ञानोदय आइसोलेट सेंटर भेज दिया गया था। जब इन लोगों ने ख़राब खाने की शिकायत की तो इन्हें आइसोलेट सेंटर से घर भेज दिया गया और घर पर ही होम क्वारंटाइन रहने को कह दिया गया।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब सभी लोगों को 14 दिन क्वारंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है तो फिर इन लड़कियों को तीन दिनों में ही घर क्यों भेज दिया गया है। क्या इसलिए कि इन्होंने गलत के खिलाफ आवाज उठाई और आगे इनकी गलतियों सामने ना आने पाए? आइसोलेट लड़कियों ने बताया कि वहां पर अन्य लोग भी है जिनके लिए पानी की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसी गर्मी में कोई पीने के पानी की कमी से कैसे समय गुजारेगा, इसे आप भी समझ सकते हैं।
