भोपाल। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने प्रदेश में आयोजित होने वाले आईफा अवार्ड समारोह को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। गोपाल भार्गव ने कहा है कि आईफा अवार्ड प्रदेश की जनता के पैसो से कमलनाथ सरकार के नाकारापन, वादाखिलाफी और दलित-आदिवासियों पर बढ़ते अत्याचारों का जश्न है।
बता दे कि आईफा अवॉर्ड्स-2020 की मेजबानी इस बार मध्य प्रदेश करेगा। सोमवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ, अभिनेता सलमान खान और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज ने आईफा अवॉर्ड्स की औपचारिक घोषणा की। आईफा अवॉर्ड्स 27 से 29 मार्च तक इंदौर में होगा। इसको लेकर गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश के दलितों-आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा है। किसान कर्जमाफी के इंतजार में आत्महत्या कर रहे हैं। बेरोजगार युवा हताशा और अवसाद का शिकार हो रहे हैं। कमलनाथ सरकार खाली खजाने का हवाला देकर गरीबों की योजनाओं को बंद कर रही है वहीँ दूसरी ओर प्रदेश सरकार आईफा अवार्ड के नाम पर अपनी वाहवाही में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार गरीबों की चिंता करने की बजाय फ़िल्मी सितारों की आवभगत में लगेगी। सरकार में बैठे लोगों को आईफा अवार्ड जैसे नाच गाने का शौक है, तो बड़े शहरों में जाकर अपने पैसों से अपने शौक पूरे करे। जनता की गाढ़ी कमाई ऐसे आयोजनों पर खर्च करना जनता का अपमान है। जिसे प्रदेश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
गोपाल भार्गव के अनुसार कमलनाथ सरकार पूर्व भाजपा सरकार पर खजाना खाली करने का आरोप लगा रही है, लेकिन फिजूलखर्ची के लिए सरकार के पास पैसा कहां से आ रहा है। सरकार आईफा अवार्ड पर करीब 58 करोड़ रुपए की राशि खर्च करने जा रही है जबकि यह और भी ज्यादा हो सकती है। आईफा अवॉर्ड्स की तैयारी के लिए सरकारी मशीनरी को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वृद्धजनों के लिए जिलों की निराश्रित निधि के 750 करोड भी अन्यत्र खर्च कर दी। अतिथि शिक्षक पिछले 53 दिन से धरने पर बैठे है। उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है और दूसरी और सरकार का यह तर्क की आईफा से रोजगार बढ़ेगा, यह हास्यास्पद है।
