उमरिया। उमरिया जिले में दो दिन लगातार हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में आक्रोशित किसान ओले को बोरे में भरकर कलेक्ट्रेट पहुँच गए। किसानों ने कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की। इस दौरान कलेक्टर ने शीघ्र मुवावजा दिलाने का ऐलान किया।
दरअसल ओलावृष्टि और तेज बारिश के कारण उमरिया जिले के सैकड़ों गांवो में रबी की फसल को नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि के कारण किसानों के खेतों में ओलावृष्टि से बर्फ की चादर बिछ गई है। हालत यह है कि किसानों की इस सीजन की मुख्य फसल 80 फीसदी के करीब क्षतिग्रस्त हुई है। अरहर, मसूर, चना एवं फल सब्जी भी पूरी तरह नष्ट हो गई है।
फसल चोपट होने के बाद भी जब प्रशासन का कोई नुमाइंदा किसानों की तबाही देखने नहीं पहुंचा तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान खेतो में पड़े ओले को बोरे में भरकर जिला मुख्यालय पहुँच गए और कलेक्ट्रेट के सामने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।
किसानों के प्रदर्शन की खबर लगते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया और तत्काल कृषि एवं राजस्व विभाग की टीम गठित कर ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के निरीक्षण एवं सर्वे के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने तीन दिन के भीतर प्रभावित फसलों का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि खरीब सीजन की मुख्य फसल धान में कंडुआ रोग के प्रकोप से किसान अभी उबर ही नही पाए थे कि रबी में प्रकृति की मार ने किसानों के साल भर की आजीविका नष्ट कर दी है। ऐसे में किसानों को प्रशासन की मदद का ही भरोसा है। देखना होगा कि किसानों की आर्थिक उन्नति के दावे के साथ सत्ता में आई प्रदेश की कमलनाथ सरकार किसानों के विपरीत समय मे उनका कितना ध्यान रख पाती है।
