इंदौर। राजगढ़ थप्पड़ कांड मामले में दायर जनहित याचिका पर बुधवार को इंदौर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मुख्य सचिव, ग्रह मंत्रालय और राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा है।
सुनवाई के दौरान एडवोकेट हर्ष वर्धन शर्मा की ओर से पक्ष रखते हुए पूर्व उप महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव ने कलेक्टर द्वारा थप्पड़ मारने को असंवैधानिक बताते हुए कार्यवाही की मांग की। वहीँ कलेक्टर के बचाव में एडिशनल एडवोकेट रविंद्र सिंह छाबड़ा ने कहा कि पहले महिला अधिकारी की चोटी खींची गई, जिसके बाद यह घटना घटित हुई।
गौरतलब है कि राजगढ़ के ब्यावरा में तिरंगा यात्रा के दौरान हुए बवाल के दौरान डिप्टी कलेक्टर ने भाजपा कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया था। वहीँ कलेक्टर भी प्रदर्शन कर रहे लोगों से भिड़ गईं थी। इस दौरान किसी ने महिला अधिकारी की चोटी खींच ली थी।
इस मामले को लेकर बता दे कि राजगढ़ उच्च न्यायालय के वकील हर्षवर्धन शर्मा ने राजगढ़ कलेक्टर निधि निवेदिता व डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा पर मारपीट का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका दायर की थी।
याचिका में लिखा गया कि कलेक्टर द्वारा CAA के विरोध में होने वाले कार्यक्रमों के कोई व्यवधान नही डाला गया लेकिन CAA के समर्थन में निकल रही तिरंगा यात्रा के सदस्यों को थप्पड़ मारकर व कॉलर पकड़कर सड़कों पर घसीटा गया। याचिकाकर्ता द्वारा यह भी आधार लिया गया कि की सम्पूर्ण घटनाक्रम की विडियोग्राफ़ी में सिर्फ कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर लोगो के साथ मार-पीट करते हुए नजर आ रही है।
याचिका में यह भी प्रार्थना की गयी है कि कलेक्टर निधि निवेदिता के मजिस्टेरिअल पावर्स वापस लिए जाएं और राजगढ़ में बिना वजह लगाई गई धारा 144 के आदेश को निरस्त किया जाए। वहीँ पूरे मामले की प्रमुख सचिव की निगरानी में जांच कर कलेक्टर निधि निवेदिता के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जाए। साथ ही कलेक्टर द्वारा मारपीट से घायल व्यक्तियों को मुआवजा दिया जाए।
