August 13, 2026

इंदौर आईआईएम ने दो दिन के इंडक्शन कार्यक्रम के साथ 2026–31 बैच का किया स्वागत, स्टूडेंट्स की पांच वर्षीय यात्रा हुई शुरु।

Xpose Today
भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर ने अपने पांच वर्षीय एकीकृत प्रबंधन कार्यक्रम (आईपीएम) के 2026–31 बैच का दो दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम के साथ स्वागत किया। 10 अगस्त 2026 से शुरू हुए इस कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, वरिष्ठ विद्यार्थियों और संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को आईआईएम इंदौर के शैक्षणिक वातावरण, संस्थागत संस्कृति और अगले पांच वर्षों में उपलब्ध विभिन्न अवसरों से परिचित कराना था।
बैच का उद्घाटन आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु रायने किया। उन्होंने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें एकीकृत प्रबंधन कार्यक्रम में उपलब्ध विशिष्ट अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। प्रो. राय ने कहा कि आईआईएम इंदौर में यात्रा केवल शैक्षणिक या पेशेवर उपलब्धियां हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसंतुष्टि प्राप्त करने, निरंतर विकास करने और एक जिम्मेदार एवं सर्वांगीण व्यक्तित्व के रूप में विकसित होने की यात्रा भी है। उन्होंने नए बैच के विद्यार्थियों को विनम्र, जिज्ञासु और अपने आसपास के प्रत्येक व्यक्ति से सीखने के लिए सदैव तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों से अपने समय और प्राथमिकताओं का विवेकपूर्ण प्रबंधन करने तथा विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण रखने का आग्रह किया। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा, “यदि आपको लगता है कि कोई कार्य बहुत कठिन है और उसे करने के लिए आप पर्याप्त साहस नहीं जुटा पा रहे हैं, तो पीछे मुड़कर देखिए और समझिए कि आपने अब तक कितना कुछ हासिल किया है।” उन्होंने कहा कि पहला कदम उठाने का साहस किसी असंभव प्रतीत होने वाली चुनौती को भी संभव बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि असफलता विकास का स्वाभाविक हिस्सा है, पर असफलताएं हमें परिभाषित नहीं करतीं; महत्वपूर्ण यह है कि हम दोबारा उठकर आगे बढ़ने का साहस और दृढ़ता बनाए रखें। इसके साथ ही, उन्होंने नए बैच को अपने माता-पिता से जुड़े रहने, स्वयं और दूसरों के प्रति दयालु बने रहने तथा सामने आने वाले अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से साहस, दृढ़ता, सहानुभूति और कृतज्ञता के साथ इस नए अध्याय को अपनाने का आग्रह किया।
प्रो. आदित्य महेश्वरी, चेयर, आईपीएम, ने प्रवेश प्रक्रिया की अत्यंत चयनात्मक प्रकृति और इस बैच में शामिल विद्यार्थियों द्वारा तय की गई यात्रा के महत्व पर प्रकाश डाला। आईपीएम कार्यक्रम के लिए 30,203 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से केवल 156 विद्यार्थियों का चयन हुआ और उन्होंने कार्यक्रम में पंजीकरण कराया, जो कुल आवेदकों का मात्र 0.51 प्रतिशत है। उन्होंने विद्यार्थियों से इतनी कठोर चयन प्रक्रिया से गुजरकर इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनने के महत्व को समझने और अपने सामने उपलब्ध इस अवसर का मूल्य पहचानने का आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आईआईएम इंदौर में अपनी पांच वर्षीय यात्रा का अधिकतम लाभ उठाने, अपने आसपास मौजूद विविध समुदाय से सीखने तथा विनम्रता, जिज्ञासा और उद्देश्य की भावना के साथ इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
इंडक्शन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विभिन्न पैनल चर्चाओं की श्रृंखला रही, जिनमें संकाय सदस्यों और पूर्व विद्यार्थियों ने भाग लिया। इन संवादों का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को आईपीएम अनुभव के विभिन्न आयामों से परिचित कराना तथा उन्हें संस्थान में अपनी पांच वर्षीय यात्रा को व्यापक दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान करना था।
पहली पैनल चर्चा “प्लैनेट-आई: अ वॉक डाउन द मेमोरी लेन”विषय पर आयोजित की गई। इसमें विभिन्न आईपीएम बैचों के पूर्व विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें निलोय जैन (आईपीएम 2012), आयुषी अग्रवाल (आईपीएम 2013), सिद्धि हेलवटकर (आईपीएम 2016), भाव्या कुंडू (आईपीएम 2017), मृगेश देवान (आईपीएम 2019) और अनय डागा (आईपीएम 2020) शामिल थे। सत्र का संचालन प्रो. सिद्धार्थ के. रस्तोगी, आईआईएम इंदौर ने किया। चर्चा के दौरान नए विद्यार्थियों को विभिन्न बैचों के पूर्व विद्यार्थियों के अनुभवों के माध्यम से आईपीएम की यात्रा को समझने और यह जानने का अवसर मिला कि आईआईएम इंदौर में बिताए वर्षों ने उनके शैक्षणिक, व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को किस प्रकार आकार दिया।
दूसरी पैनल चर्चा “लाइफ आफ्टर आईपीएम” विषय पर आयोजित की गई। इसका संचालन प्रो. आदित्य बिल्लौरे, आईआईएम इंदौर ने किया और इसमें विभिन्न आईपीएम बैचों के पूर्व विद्यार्थियों ने भाग लिया। चर्चा में आईपीएम पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के सामने आने वाले विभिन्न अवसरों और संभावित पेशेवर यात्राओं पर विचार साझा किए गए। सत्र ने नए विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि आईपीएम के बाद उनके सामने किस प्रकार के विविध मार्ग और संभावनाएं उपलब्ध हो सकती हैं।
तीसरी पैनल चर्चा “फोर पिलर्स ऑफ़ आईपीएम” विषय पर आयोजित की गई। इसमें प्रो. जी. वेंकट रमन, प्रो. नागराजन कृष्णमूर्ति, प्रो. कार्तिकेय नरपाराजु और प्रो. सयंतन बनर्जी ने भाग लिया तथा सत्र का संचालन प्रो. आदित्य महेश्वरी ने किया। चर्चा के माध्यम से विद्यार्थियों को आईपीएम के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास से जुड़े मूलभूत आयामों तथा उन मूल्यों से परिचित कराया गया, जो आईआईएम इंदौर में उनकी पांच वर्षीय यात्रा का आधार बनेंगे।
इन पैनल चर्चाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को आईआईएम इंदौर के संकाय सदस्यों और पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद करने, प्रश्न पूछने, विचारों का आदान-प्रदान करने तथा आईपीएम का हिस्सा होने के साथ आने वाले अवसरों और जिम्मेदारियों को व्यापक रूप से समझने का अवसर मिला।
इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान स्नातक होने जा रहे आईपीएम बैच की शैक्षणिक उपलब्धियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में स्नातक बैच के पहले तीन वर्षों के दौरान उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 5 प्रतिशत प्रतिभागियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस सम्मान के प्राप्तकर्ताओं में आदित्य भास्कर अय्यर, आर्यन दिलीप जैन, हृदय खंडेलवाल, रोहन रवि सारफ, शुजल कुमार जैन और श्रेयांश अग्रवाल शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिष्ठित स्वर्गीय आद्या प्रभा स्मृति छात्रवृत्तिभी प्रदान की गई। यह छात्रवृत्ति उस महिला प्रतिभागी को प्रदान की जाती है, जिसने आईपीएम की पढ़ाई जारी रखते हुए चौथे वर्ष में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त किया हो। यह छात्रवृत्तिआईपीएम 2015 बैच की पूर्व छात्रा स्वर्गीय सुश्री आद्या प्रभा की स्मृति में स्थापित की गई है। इस वर्ष यह छात्रवृत्ति सुश्री सृष्टि चोपड़ा को प्रदान की गई।
शैक्षणिक अवसरों में समानता और पहुंच को बढ़ावा देने की दिशा में आईआईएम इंदौर ने आईपीएम प्रतिभागियों के लिएआवश्यकता-आधारित वित्तीय सहायता योग्यता पुरस्कार की भी घोषणा की। आईपीएम-द्वितीय वर्ष श्रेणी के अंतर्गत सुश्री चेष्टा मलिक को ₹5,00,000 की सहायता प्रदान की गई, जबकि आईपीएम-प्रथम वर्ष श्रेणी के अंतर्गत श्री लक्ष्य कृपलानी को ₹5,00,000 की सहायता प्रदान की गई।
ये पुरस्कार आईआईएम इंदौर की शैक्षणिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं कि आर्थिक परिस्थितियां योग्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक आकांक्षाओं के मार्ग में बाधा न बनें।
आईआईएम इंदौर का आईपीएम 2026–31 बैच शैक्षणिक, भौगोलिक और लैंगिक विविधता का समृद्ध उदाहरण प्रस्तुत करता है। कुल 156 प्रतिभागियों में 48 छात्राएं और 108 छात्र हैं। शैक्षणिक पृष्ठभूमि की दृष्टि से 75 प्रतिभागी वाणिज्य, 65 भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित (PCM), सात भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान (PCB), आठ अन्य विषयों तथा एक कला पृष्ठभूमि से हैं। देशभर से आए प्रतिभागियों में महाराष्ट्र से सर्वाधिक 23, उत्तर प्रदेश से 20, मध्य प्रदेश से 12, राजस्थान से 12 और तेलंगाना से 11 प्रतिभागी हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिका से तीन, नेपाल से एक और ब्रिटेन से एक प्रतिभागी भी इस बैच का हिस्सा हैं। कुल 156 प्रतिभागियों में 151 घरेलू और पांच अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी हैं, जो आईपीएम की बढ़ती राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहुंच को दर्शाते हैं।
दो दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम ने आईपीएम 2026–31 के नए बैच को उस शैक्षणिक परिवेश, संस्थागत संस्कृति और समुदाय से परिचित कराया, जिसका वे अगले पांच वर्षों तक हिस्सा रहेंगे। संकाय सदस्यों, पूर्व विद्यार्थियों और साथियों के साथ संवाद के माध्यम से नए विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर सीखने, अपने आसपास मौजूद विविध अनुभवों को समझने और आईपीएम द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
आईआईएम इंदौर में नए बैच की यात्रा की शुरुआत के साथ यह इंडक्शन कार्यक्रम अगले पांच वर्षों के सीखने, अन्वेषण, सहयोग और व्यक्तिगत विकास की आधारशिला बना। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को संस्थान में अपने समय का सार्थक उपयोग करने और अपनी आईपीएम यात्रा को अधिकतम अवसरों, अनुभवों और सीख से समृद्ध करने के लिए तैयार किया।

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Written by Xpose Today News

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