इंदौर। इंदौर में कोरोना पीड़ित और संग्धिद लोगों के लिए बनाए आइसोलेशन वार्ड की भयावह तस्वीर सामने आई हैं। आइसोलेशन वार्ड में गंदगी पसरी हुई हैं। पीने के पानी का एक ही कंटेनर है, जिसमें से कोरोना पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों तरह के मरीज पानी पीते हैं। ऐसे में कोरोना के नेगेटिव मरीज़ों में भी संक्रमण फैल सकता है।
कोरोना जैसी भयावह महामारी से निपटने के लिए सरकारें बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन हक़ीक़त क्या है ये आप इन तस्वीरों को देख जान लीजिए। इंदौर जैसे बड़े शहर में कोरोना पीड़ित या संदिग्ध मरीज़ों के लिए एमटीएच हॉस्पीटल में तीन आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। लेकिन इन वार्डों की हालत अस्तबल से भी खराब है। वार्डों में भयंकर गंदगी पसरी हुई है। पीने के पानी का एक ही कंटेनर है। पॉज़िटिव-नेगेटिव सभी मरीज़ (जिनके सैंपल जाँच के लिए भेजे गए हैं) एक ही जगह से पानी पी रहे हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ऐसी घटिया स्वास्थ्य सुविधाओं से इस महामारी पर क़ाबू पाया जा सकेगा? जांच रिपोर्ट आने से पहले यहां मरीज़ों को चौबीस घंटों के लिए रखा जा रहा हैं। इन हालातों से कोरोना के नेगेटिव मरीज़ों में भी संक्रमण फैल सकता है। यह बहुत ही बडे ख़तरे की घंटी है।
