इंदौर। नागरिकता कानून, चर्चित हनीट्रैप और भूमाफियाओं पर कार्रवाई को लेकर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा। वहीँ कांग्रेस ने भी कैलाश विजयवर्गीय पर पलटवार करते हुए उनसे पांच सवाल पूछे हैं।
इंदौर में विजयवर्गीय ने हनीट्रैप मामले को लेकर कहा कि अगर सरकार ने इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। हनीट्रैप मामले में भाजपाइयों को टारगेट किया जा रहा है। मैंने कभी कमर के नीचे की राजनीति नहीं की है लेकिन मज़बूरी में करना पड़ी तो करके बताऊंगा। वहीँ भूमाफियाओं पर कार्रवाई को लेकर कहा कि यदि सरकार भाजपा के कार्यकर्ताओं को टारगेट करेगी तो हम चुप नहीं बैठेंगे।
इसके अलावा नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विजयवर्गीय ने कहा कि यह कानून मुस्लिमों के खिलाफ नहीं है। हिंदुस्तान के मुसलमानों को इससे कोई खतरा नहीं है। विपक्ष द्वारा कानून को लेकर झूठा भ्रम फैलाया जा रहा है।
कैलाश विजयवर्गीय के सारे आरोपों को झूठा बताते हुए मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि भाजपा इस कानून के माध्यम से देश का माहौल खराब करने में लगी है। आर्थिक मंदी से देश का ध्यान हटाने के लिए इस तरह का कानून लाया जा रहा है। वहीँ कांग्रेस ने अमित शाह के जबलपुर दौरे पर भी सवाल उठाया है। कांग्रेस ने कहा है कि अमित शाह इस कानून के समर्थन में शांत मध्यप्रदेश में क्यों आ रहे हैं?
सलूजा ने माफियाओं के खिलाफ अभियान को लेकर विजयवर्गीय के आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि यह अभियान विशुद्ध रूप से माफियाओं के खिलाफ चल रहा है। इसको राजनीतिक चश्मे से बिल्कुल नहीं देखा जा रहा है। विजयवर्गीय को जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उस सूचि का एक बार अध्ययन करना चाहिए। उसी से कार्रवाई की निष्पक्षता का पता चल जाएगा। विजयवर्गीय कह रहे हैं कि उनके पास कांग्रेस के 167 कार्यकर्ताओं की सूची है तो उन्हें इस सूची को सार्वजनिक करना चाहिए। इसके साथ ही कांग्रेस ने विजयवर्गीय पांच सवाल भी पूछे है।
पहला सवाल
कैलाश विजयवर्गीय बताए युवराज उस्ताद से लेकर हेमंत यादव, जीतू यादव, मुन्ना डॉक्टर, जीतू चौधरी किस के समर्थक हैं, किसके साथ खुलेआम होर्डिंग-पोस्टर व कार्यक्रमों में नजर आते हैं, वर्षों से इन्हें किस का संरक्षण रहा, क्या इनके कार्य है, क्या वह इन्हें भाजपा कार्यकर्ता मानते हैं, क्या इनके कार्यों को वे नियम के अंतर्गत मानते है, क्या इन्हें विजयवर्गीय का समर्थन प्राप्त है?
दूसरा सवाल
जिस माफिया मुक्त अभियान का प्रदेश की जनता खुलकर समर्थन कर रही है, विजयवर्गीय बताये कि इस अभियान को लेकर उनके पेट में दर्द क्यों हो रहा है, किस माफिया पर कार्यवाही से वह दुखी है, स्पष्ट करें?
तीसरा सवाल
विजयवर्गीय बताये प्रदेश में पिछले 15 वर्ष से उन्हीं की पार्टी भाजपा की सरकार थी। किसके संरक्षण में यह माफिया पनपे? इंदौर में तो विजयवर्गीय का पूरी तरह से बोलबाला था, सारे अधिकारियों की पोस्टिंग उनके अनुसार ही होती थी, क्या कारण रहा कि पिछले 15 वर्षों में इन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पायी, कौन इन्हें पोषित व संरक्षित करता रहा था?
चौथा सवाल
कांग्रेस को माफियाओं की कभी आवश्यकता नहीं है और ना कभी कांग्रेस माफियाओं को अपनी पार्टी में लाने की कोशिश भी करेगी, यह आपको व आपकी पार्टी को ही मुबारक। विजयवर्गीय के पास उनके यह आरोप कि “भाजपा से जुड़े माफियाओं को कांग्रेस कार्यवाही के नाम पर डरा धमकाकर कांग्रेस में आने का कह रही है “ के संबंध में कोई प्रमाण हो तो उसे वे शीघ्र सार्वजनिक करें, अन्यथा झूठे आरोप के लिए माफी मांगे।
पांचवां सवाल
विजयवर्गीय बताए कि किस माफिया पर हुई कार्यवाही को वे नियम विरुद्ध मान रहे है? क्या माफ़ियाओ द्वारा किये गये काम नियम से किये हुए है?
