उज्जैन। किसी सरकारी अधिकारी के भ्रष्टाचार से पीड़ित शख्स लोकायुक्त पुलिस के पास जाकर शिकायत कर सकता है। लेकिन अगर लोकायुक्त पुलिस ही भ्रष्ट हो जाए तो फिर फरियादी कहाँ जाए? ऐसे ही एक मामले ने उज्जैन लोकायुक्त पुलिस को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ लोकायुक्त पुलिस का अधिकारी भ्रष्ट अफसर से ही साठ-गाठ कर फरियादी पर ही आवेदन वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा। लोकायुक्त अधिकारी और फरियादी के बीच हुई बातचीत के आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए है।
दरअसल उज्जैन में लोकायुक्त पुलिस का संभागीय कार्यालय है। यहाँ पूरे संभाग से भ्रष्टाचार से पीड़ित फरियादी शिकायत लेकर पहुँचते हैं। उज्जैन के पास शाजापुर जिले के जामनेर गांव के रहने वाले कमल सिंह मालवीय ने मकान बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था। फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाले कमल सिंह मालवीय से आवेदन स्वीकृत करने के लिए जनपद पंचायत में बैठे भ्रष्ट ग्राम सेवक मुकेश चोपड़ा ने 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इस पर कमल ने ग्राम सेवक को आठ हजार रुपए की रिश्वत दे दी। इसके बावजूद ग्राम सेवक कमल पर शेष राशी के लिए दबाव बनाने लगा।
इससे परेशान होकर कमल ने उज्जैन लोकायुक्त पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी। लोकायुक्त पुलिस ने योजना बनाकर टेप रिकॉर्डर के माध्यम से भ्रष्ट ग्राम सेवक की आवाज रिकॉर्ड करवा ली। अब आगे की कार्रवाई के लिए मामला उज्जैन लोकायुक्त डीएसपी शैलेंद्र सिंह के पास पहुंचा। डीएसपी ने कार्रवाई करने की जगह आरोपी ग्राम सेवक से ही साठ-गाठ कर ली और मामला दबाने के लिए मोटी रकम की मांग की।
फरियादी कमल का कहना है कि डीएसपी ने ग्राम सेवक को ट्रेप की गई आवाज भी सुना दी। अब भ्रष्ट ग्राम सेवक फरियादी पर तरह-तरह से दबाव बना रहा है वहीँ फरियादी न्याय के लिए गुहार लगाता रहा है। हालाँकि फरियादी कमल ने हार नहीं मानी और डीएसपी की ही आवाज रिकॉर्ड करना शुरू कर दी। हालाँकि डीएसपी इतने शातिर निकले कि वे अक्सर फरियादी से वाट्सएप पर कॉल करने को कहा करते थे ताकि रिकॉर्डिंग नहीं हो सके। फिर भी फरियादी भ्रष्ट डीएसपी की कई बार रिकार्डिंग करने में सफल रहा। अब यह रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
दूसरी तरह फरियादी ने लोकायुक्त एसपी को आवेदन देकर डीएसपी के भ्रष्टाचार पर कार्यवाही करने की मांग की है। लोकायुक्त एसपी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए है। फरियादी का कहना है कि उस पर काफी दबाव बनाया जा रहा है। वह परेशान होकर आत्महत्या के लिए मजबूर है। हालाँकि अब देखना होगा कि भ्रष्ट ग्राम सेवक मुकेश चोपड़ा और डीएसपी के खिलाफ कोई कार्यवाही होगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
