सीहोर। 64 वर्षीय रिटायर सहायक परियोजना अधिकारी (एपीओ) खेती में अपने नवाचार से किसानों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। एपीओ गोबर से कैंचुआ खाद बनाकर बेच रहे हैं। एपीओ हर महीने करीब 15 से 17 क्विंटल जैविक खाद बेच रहे हैं। शहर की अधिकांश नर्सरी इन्हीं के फार्म हाउस से जैविक खाद खरीदते हैं।
दरअसल चाणक्यपुरी निवासी 64 वर्षीय रिटायर सहायक परियोजना अधिकारी (एपीओ) गणेश शंकर चौहान जवानी से खेती करना चाहते थे, लेकिन नौकरी के कारण समय ही नहीं मिल पाया। अब गणेश नौकरी से रिटायर हो गए तो खेती में नवाचार कर अपना सपना पूरा कर रहे हैं।
रिटायर एपीओ गणेश शंकर चौहान के पास 14 एकड़ की जमीन है, जहाँ वह जैविक खेती करते है। साथ ही गणेश अपने फॉर्म हाउस पर कैंचुआ खाद बनाकर सीहोर से बैंगलोर, मद्रास और कोतकाता सप्लाई करते हैं। इसके लिए गणेश किसानों से 1500 से 2000 रुपए में एक ट्रॉली गोबर खरीदते हैं और उससे अपने फार्म हाउस पर कैंचुआ खाद बनाकर 600 रुपए प्रति क्विंटल में बेचते हैं। वह हर महीने 15 से 17 क्विंटल जैविक खाद बेचते हैं।
गणेश शंकर चौहान ने बताया कि कैंचुआ खाद बनाने के लिए सबसे पहले दो-दो फीट ऊंचे 30 वाय 2।5 फीट के 9 सीमेंट की टंकी बनाईं। इसके बाद 5 किलो कैंचुए 300 रुपए प्रति किलो के हिसाब से ख़रीदे और कैंचुआ खाद बनाने का काम शुरू किया। गणेश कैंचुआ खाद के साथ-साथ अब तक 300 किलो कैंचुए भी बेच चुके हैं।
इसके अलावा गणेश शंकर चौहान ने इस बार अंतरराष्ट्रीय कंपनी के संपर्क करने पर तुलसी, तिल्ली और अजवाइनक की बोवनी भी की है। उन्होंने करीब चार एकड़ में तुलसी की बोवनी की है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कंपनी से 350 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बीज ख़रीदे और तुलसी की फसल पैसा होने पर खरीदारी भी कंपनी के द्वारा ही की जाएगी।
