सतना। सतना जिला प्रशासन ने शिक्षा में नवाचार करते हुए खंडहर हो चुके स्कूल भवन को ट्रेन के डिब्बों का रूप दे दिया। साथ ही इस स्कूल का नाम रखा एजुकेशन स्पीड एक्सप्रेस। स्कूल को जिले का मॉडल स्कूल बनाया गया है। यहाँ शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और स्वास्थ्य पर भी खास ध्यान दिया जाता है। जिला प्रशासन के नवाचार से स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
दरअसल ट्रेन के डब्बों की तरह नजर आने वाला यह भवन असल में एक शासकीय स्कूल है। सतना जिले के उचेहरा जनपद की लोहरौरा माध्यमिक शाला का भवन खंडहर में तब्दील हो चुका था। ऐसे में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए जिला पंचायत सीईओ ऋजु बाफना ने नवाचार किया। उन्होंने स्कूल भवन का कायाकल्प करवाकर ट्रेन के डब्बों का रूप दिया और एजुकेशन स्पीड एक्सप्रेस नाम रख दिया गया।
आज इस स्कूल की पहचान जिले के मॉडल स्कूल के रूप में बन चुकी है। यहाँ पढ़ने वाले बच्चे जो पहले कभी-कभार ही स्कूल आते थे, वह अब रोजाना स्कूल आते हैं। स्कूल में बच्चों को गुणात्मक शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और संस्कार का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। बच्चे मां वीणा वादिनी के आराधना के बाद पठन पाठन करते हैं। स्कूल परिसर में ही खेल कूद व्यवस्था है। बच्चे मिड डे मिल खाने के पहले अन्नपूर्णा की आराधना करते हैं। बच्चों के चेहरे में खुशी साफ झलकती है।
दरअसल स्कूल के कायाकल्प से स्कूल का माहौल ही बदल गया है। बच्चे छुक-छुक ट्रेन का खेल भी खेलते है। बच्चों का बौद्धिक विकास भी हो रहा है। बच्चे सीईओ के इस प्रयोग से काफी खुश नजर आ रहे हैं। खंडहर हो चुके इस स्कूल भवन का कायाकल्प होने से शिक्षक भी काफी खुश हैं। उनकी माने तो स्कूल में बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत हो चुकी है। बच्चे मिड डे मिल खाने के बाद भी स्कूल नहीं छोड़ते और उन्हें जीवन मे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।
लोहरौरा स्कूल को जिला पंचायत सीईओ ऋजु बाफना ने गोद लिया है। सीईओ का कहना है कि स्कूल प्रबंधन, पंचायत और जिला का ग्रामीण सेवा निर्माण विभाग के संयुक्त प्रयास से इस स्कूल का कायाकल्प कराया ताकि ये स्कूल मॉडल स्कूल बन सके।
