धार। रोजाना स्कूल आने के लिए छात्राओं को तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। जिससे वह थक जाती और पढ़ाई में मन नहीं लगता। तेज गर्मी और बारिश के दिनों में तो हालत और भी बदतर हो जाते थे। इन हालातों को सुधारने और बच्चों का भविष्य निर्माण करने के लिए एक शिक्षक आगे आया और छात्राओं को स्कूल लाने-ले जाने लिए निजी खर्च पर वाहन ख़रीदा। शिक्षक रोजाना छात्राओं को निशुल्क लाने-ले जाने का काम करता है। शिक्षक के इस प्रयास से छात्राएं भी काफी खुश है। साथ ही स्कूल में छात्राओं की संख्या में इजाफा हो रहा है।
दरअसल धार जिले के मनावर विधानसभा क्षेत्र के गुलाटी गांव में शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय है। यहां पहली से चौथी कक्षा में पढ़ने के लिए छात्राएं आती हैं। गुलाटी गांव से 3 किलोमीटर दूर टेमरिया गांव से रोजाना छात्राओं को पढ़ने के लिए पैदल आना पड़ता था। इस से छात्राएं थक जाती थीं।
छात्राओं की इसी परेशानी को दूर करने के लिए स्कूल के प्रधानाध्यापक शंकरलाल ने खुद के खर्च पर वाहन खरीदा। शंकरलाल ने कहा कि वे छात्राओं को रोजाना उनके घर से स्कूल तक लाने और स्कूल से घर तक छोड़ने का काम करते हैं। छात्राओं को खुश देखकर मुझे भी आत्मीय आनंद मिलता है।
उन्होंने बताया कि छात्राओं को वाहन से स्कूल लाने ले जाने का काम शुरू किया है, तब से स्कूल में आने वाली छात्राओं की संख्या भी बढ़ रही है। वहीं छात्राएं अब थकती भी नहीं हैं, जिससे उनका पढ़ाई में भी मन लगता है और वाहन में बैठकर स्कूल आने में छात्राएं बहुत खुश भी होती हैं।
छात्राओं ने बताया कि पहले हमें पैदल स्कूल आना पड़ता था। जब से सर ने हमारे लिए स्कूल लाने ले जाने की सुविधा के लिए वाहन उपलब्ध कराया है। तब से हमें स्कूल आने में कोई परेशानी नहीं होती और हमें वाहन से स्कूल आने में भी बहुत मजा आता है।
वहीं शिक्षक शंकरलाल काग का बच्चों के प्रति प्रेम और स्कूल वाहन की सुविधा को लेकर ग्रामीण ने बताया कि ये पहल बहुत अच्छी है। इससे छात्राओं को काफी राहत मिली है।
