भोपाल। प्रदेश में कई जगह किसानों को यूरिया के लिए परेशान होना पड़ रहा है। यूरिया के लिए किसान सड़क पर उतरकर मौजूदा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो जारी कर कमलनाथ सरकार की आलोचना की है। साथ ही किसानों से कहा कि आपकी लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी आपके साथ है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैं प्रदेश के किसान भाइयों को आह्वान करता हूँ कि अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए वे मैदान में आएँ। भारतीय जनता पार्टी उनके साथ है। किसानों के लिए किसी भी सीमा तक जाकर लड़ाई लड़ी जाएगी। कमलनाथ सरकार में मध्यप्रदेश का किसान पहले से ही परेशान था। कर्जमाफ़ी का वादा पूरा नहीं किया, गेहूं का बोनस अब तक नहीं दिया, मक्के का, धान का, सोयाबीन का बोनस किसान को अब तक मिला नहीं। मूंग और उड़द का बोनस अब तक मिला नहीं। राहत की राशि अब तक मिली नहीं। लेकिन अब तो हद हो गई।
शिवराज ने आगे कहा कि, प्रदेश में यूरिया के लिए चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची हुई है। रात-रात भर किसान लाइन में लगा रहता है। अब तो बहनें लाइन में लग रही हैं, बच्चे लाइन में लग रहे हैं तब जाकर संगीनों के साए में एक बोरी, दो बोरी खाद मिलती है। दो-दो, तीन-तीन दिनों से लोग परेशान है और जब किसान अपनी आवाज़ उठता है, तो उसकी आवाज़ को कुचलने की कोशिश की जा रही है। अभी कल ही सागर में हमारे विधायक नरयावली के प्रदीप लारिया ने जब किसानों की आवाज़ उठाई और किसानों के साथ धरने पर बैठ गए तो यूरिया तो उपलब्ध नहीं करवाया, विधायक पर ही प्रकरण बना दिया। ये विधायक जनप्रतिनिधि हैं, विधायक पर प्रकरण बनाना जनता की आवाज़ कुचलने की कोशिश है। जनप्रतिनिधि को दबाने का कुत्सित प्रयास है। यह तानाशाही मानसिकता है, यह हिटलरवादी मानसिकता जो कमलनाथ सरकार ने अपनाई है उसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम इस कुचलने वाली मानसिकता को ही कुचल देंगे। प्रदीप लारिया जी के खिलाफ प्रकरण बनाया है, अब प्रदीप जी खुद गिरफ्तारी देने जाएंगे और उनके साथ हम भी जाएंगे।
शिवराज ने कहा कि किसानों के लिए किसी भी सीमा तक जाकर लड़ाई लड़ी जाएगी। हमें प्रकरण का और जेल का डर नहीं है। इमरजेंसी में उस समय की तानाशाही से नहीं डरे, जेलों में रहे। प्रदीप लारिया के साथ गिरफ्तारी देने हम खुद जाएंगे। हमें ये प्रकरण बना कर ना डराए। एक चुने हुए जनप्रतिनिधि अगर आवाज़ उठाए तो केस बनाएंगे, प्रकरण बनाएंगे ये किसानों को डराने की कोशिश है, सफल नहीं होगी। हम इसके खिलाफ ज़बर्दस्त लड़ाई लड़ेंगे।
