May 4, 2026

महिला आईएएस तपस्या की पर्यावरण के लिए अनूठी तपस्या

रतलाम। प्लास्टिक की बेकार पड़ी बोतलों से पर्यावरण प्रदूषण होता है। लेकिन एक महिला आईएएस अधिकारी ने प्लास्टिक की खराब बोतलों का अनोखे तरीके से इस्तेमाल कर साबित कर दिया कि वे पर्यावरण के लिए कारगर तपस्या कर रही हैं। महिला अधिकारी ने प्लास्टिक की बेकार पड़ी बोतलों की मदद से दीवार पर बगीचा बना दिया। पौधे लगाने की अनोखी तकनीक से जहाँ कार्यालय की सुंदरता बढ़ी है, वहीँ पर्यावरण संरक्षण भी हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल छोड़ने की अपील का असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है। रतलाम में भी प्लास्टिक की खराब बोतलों के इस्तेमाल का अनोखा तरीका ढूंढा गया है। इस मुहीम को शुरू किया है रतलाम जनपद पंचायत की सीईओ आईएएस अधिकारी तपस्या परिहार ने।

तपस्या ने जनपद पंचायत की दीवार पर प्लास्टिक की बोतल से बगीचा बना दिया है। उन्होंने प्लास्टिक की बेकार बोतलों में पौधे लगाकर उन्हें एक-दूसरे के साथ इस तरह जोड़ा गया है कि यह एक दीवाल-नुमा आकृति जैसी दिखती है। इस दीवार को पर्यावरण की दीवार नाम दिया गया है। पहले जनपद पंचायत के दफ्तर के बाहर कचरे के ढेर दिखा करते थे मगर अब इस जगह पर पर्यावरण दीवार बना दी गई है। प्लास्टिक की बेकार बोतलों से बनी इस दीवार में हरे-भरे पौधे लगे हैं। अब ग्रामो में सभी पंचायतों में इस तरह की पर्यावरण की दीवार बेकार प्लास्टिक बोतलों से बनाई जाने की मुहिम भी शुरू की जाएगी।

तपस्या परिहार ने बताया कि यह तरीका उन्होंने आईएएस के सोशल मीडिया ग्रुप से मिला। गुजरात के छोटा उदयपुर क्षेत्र में इससे मिलता जुलता तरीका अपना कर पर्यावरण दीवार बनाई गई। इस तरीके के लिए उनके साथ कार्यालय के कर्मचारी दिन रात लगे और अब सफलता मिली। कर्मचारियों ने बेकार बोतलों को एकत्रित किया। खुद पेंट भी किया। कार्यालय की दीवार पत्थर की बनी होने से बोतल कील से लगाई नहीं जा सकती थी इसलिए लकड़ी के पटिये लगाए गए और दीवार खड़ी कर दी गयी।

उन्होंने बताया कि इसमें सभी बोतलों को एक लाइन में लगाकर, इन्हें दूसरी लाइन में रखी गई बोतलों से जोड़ दिया गया है। ऊपर वाली लाइन की बोतल में पानी डालने पर एक के बाद एक बोतलों के रास्ते पानी नीचे तक पहुंच जाता है। ओवरफ्लो की स्थिति से बचाव के लिए सबसे आखिरी लाइन के बोतलों को एक पाइपलाइन से जोड़ा गया है, ताकि पानी और मिट्टी बहकर नीचे इकट्ठा हो सकें। ड्रिप लगाकर इन पौधो को पानी दिया जा रहा है। पर्यावरण दीवार के इस आइडिया से जहां एक तरफ दफ्तर की सुंदरता बढ़ गई है, वहीं, बेकार पड़ी प्लास्टिक का इस्तेमाल भी हो रहा है। तपस्या परिहार ने बताया कि इन बोतलों में ऐसे पौधे लगाए गए हैं, जिनकी जड़ें कम फैलती हैं, लेकिन फूल अच्छे आते हैं।

Written by XT Correspondent

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