उज्जैन। यूपी के कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे को मध्यप्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इसे गिरफ्तारी बता रही है जबकि अंदेशा लगाया जा रहा है कि विकास दुबे सरेंडर करने के इरादे से ही महाकाल मंदिर आया था। गिरफ्तार होने के बाद विकास दुबे वहां मौजूद लोगों को चिल्लाकर बताया कि, ‘मैं विकास दुबे हूँ कानपुर वाला।’
सामने आ रही जानकरी के अनुसार विकास दुबे मौत से बचने के लिए महाकाल की शरण में पहुंचा था। उसे उत्तरप्रदेश में एनकाउंटर का डर सता रहा था। इसलिए वह मध्यप्रदेश के उज्जैन में पहुंचा और सरेंडर करने के इरादे से ही महाकाल मंदिर पहुंचा। यहां वीआईपी एंट्री के लिए 250 रुपए की रसीद कटाते समय विकास दुबे ने अपना सही नाम बताया। इसके अलावा विकास दुबे ने वहां मौजूद जवानों को भी बताया कि मैं कानपुर वाला विकास दुबे हूँ। विकास दुबे ने गिरफ्तारी से पहले अपने मोबाइल पर कुछ वीडियो भी बनाए थे।
अगर पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम को देखे तो इससे इस बात को बल मिलता है कि विकास दुबे को उत्तरप्रदेश में एनकाउंटर होने का डर सता रहा था। दरअसल 2 जुलाई को विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने बिकरू गाँव में दबिश दी। इस दौरान विकास दुबे की गैंग की फायरिंग में 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।
इतनी बड़ी घटना के बाद उत्तरप्रदेश की पूरी पुलिस हरकत में आई और घटना के अगले ही दिन 3 जुलाई को विकास के मामा प्रेमप्रकाश पांडे और सहयोगी अतुल दुबे का एनकाउंटर कर दिया। इसके बाद 8 जुलाई को पुलिस ने विकास दुबे के सहयोगी अमर दुबे को भी मार गिराया। वहीं गुरुवार सुबह ही विकास दुबे के दो सहयोगी प्रभात मिश्रा और बऊआ भी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए।
8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से अब तक विकास गैंग के 5 लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। ऐसे में विकास दुबे को डर था कि अगर वह उत्तरप्रदेश में रहा तो उसका भी एनकाउंटर हो सकता है। ऐसे में कहा जा रहा है कि मौत के डर से विकास उज्जैन पहुंचा और नाटकीय तरीके से सरेंडर कर दिया।
