भोपाल। अब गांवों में सालों से भूमि पर मकान बनाकर रह रहे ग्रामीणों को सरकार उस आवासीय भूखंड का मालिकाना हक देगी। इसके लिए राजस्व विभाग ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे की शुरुआत कर दी है। ग्रामीणों को उनका मालिकाना हक़ मिलने के बाद उन्हें बैंकों से ऋण सहित अन्य सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएंगी।
दरअसल बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए हैं। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अब गांवों में जो मकान बनाए हुए हैं, जहाँ लोग सालों से रह रहे हैं और उनके पास ना तो रजिस्ट्री है और ना ही लेखा-जोखा है। ऐसे लोगों को उस मकान का स्वामी बना दिया जाएगा।
इसके अलावा नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया है कि, ‘मप्र सरकार ने कोविड योद्धा कल्याण योजना के तहत अभी तक 20 लोगों को 10 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। सरकार ने तय किया था कि यदि कोरोना आपदा में ड्यूटी करते हुए किसी भी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी की मृत्यु होती है तो उसके परिजनों को 50 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।’
साथ ही सरकार ने सफाईकर्मी की मृत्यु पर दी जाने वाली बीमा राशि बढ़ाकर दोगुना कर दी है। सफाईकर्मी की सामान्य मृत्यु होने पर 50 हजार रुपए के बजाय अब उसके परिजनों को 1 लाख रुपए की राशि मिलेगी। इसी तरह दुर्घटना में मृत्यु होने पर अभी 1 लाख रुपए मिलते थे जिसे बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दिया है।
