सागर। देव श्री खण्डेराव में चंपा छठ पर आयोजित होने वाला प्रसिद्ध अग्नि मेले की शुरुआत हो गई है। सोमवार से शुरू हुआ अग्नि मेला दस दिनों तक चलेगा। मेले के पहले दिन कई श्रद्धालु अंगारों पर से निकले। यह सिलसिला दस दिनों तक जारी रहेगा।
दरअसल सागर जिले के देवरीकलां में श्रीदेव खंडेराव जी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। हर वर्ष चम्पा छठ से पूर्णिमा तक दिसंबर माह में मेला लगता है। मेले ऐसे श्रद्धालु नंगे पैर अंगारों पर चलते हैं, जिनकी कोई मनोकामना पूर्ण हुई हो। मंदिर में यह पम्परा वर्षों से चली आ रही है। महाराष्ट्र की सीमा पर होने से श्रीदेव उपासक महाराष्ट्र प्रांत में अधिक है। महाराष्ट्र में कुलदेवता के रूप में पूज्य हैं।
प्रथा की शुरुआत
राजा यशवंत राव के एक लोते पुत्र युवराज किसी अज्ञात बीमारी से ग्रसित होकर मरणासन्न स्थिति में थे। तब राजा यशवंत राव ने देवखंडेराव जी से प्रार्थना की कि मेरे पुत्र की रक्षा करें। उसी रात राजा यशवंत राव को श्री देव ने दर्शन देकर कहा कि अंगारों से हल्दी छोड़कर निकले तो उनका पुत्र स्वस्थ हो जाएगा। राजा ने ऐसा ही किया तो पुत्र स्वस्थ हो गया। तब से यह प्रथा प्रारंभ आज भी चलती जा रही हैं। दस दिन में करीब 700 के आसपास श्रद्धालु नंगे पैर आग पर चलकर अपनी मनौती पूरी करते है।
