देवास। बागली क्षेत्र की गुनेरा-गुनेरी नदी को अब ग्रामीणों ने आठ अलग-अलग जगहों पर थाम लिया है। इससे यह इलाका अब पानीदार बन गया है और गर्मियों में भी जलस्रोतों में जल स्तर बना रहेगा। जहाँ नदी में पानी रोका गया है, वहाँ यदि कोई किसान सीधे पंप से पानी खींचेगा तो उस पर पंचायत दंड लगाएगी।
बीते कुछ सालों से इलाके में जल संकट के भयावह स्थितियों को देखते हुए इस बार पंचायतों और ग्रामीणों ने नदी के पानी को जगह-जगह रोकना शुरू कर दिया है। इस बार अलग-अलग पंचायत क्षेत्रों में आठ स्टॉप डेम पानी रोको अभियान के तहत बनाए हैं।
इसमें ग्राम पंचायत गुवाडी में एक जगह, उससे आगे धावडिया पंचायत में तीन तथा बेहरी गांव में तीन स्थानों पर पानी रोकने के लिए स्टॉप डेम बनाए गए हैं। इससे आगे पंचायत लखवाडा ने भी एक स्थान पर स्टॉप डेम में गेट लगा दिए हैं। बीते सालों की तुलना में फिलहाल पानी का बहाव बेहतर होने से इतनी जगह पानी रोकने के बाद भी पानी आगे बह रहा है। नवंबर के दूसरे सप्ताह के बाद पानी बहना रुक सकता है। इस रुके हुए पानी का उपयोग सीधे तौर पर किसान मोटर पंप से नहीं कर सकते। इसके लिए पंचायत द्वारा दंड का प्रावधान रखा गया है।
इसका फायदा यह हुआ है कि आसपास के किसान के ट्यूबवेल एवं कुएँ रिचार्ज हो रहे हैं। इसके अलावा इस बार सहायक छोटे नालों पर भी किसान अपनी मर्जी से पानी रोकने का उपाय कर रहे हैं। बेहरी के सरपंच प्रतिनिधि मनोहर सोलंकी, सचिव रायसिंह सेंधव, रोजगार सहायक मनोज यादव तथा ग्रामीणों ने बताया कि पानी रोकने की प्रक्रिया को लोगों ने आगे बढ़ाया। कुछ लोग निशुल्क रूप से काम कर रहे हैं।
सरपंच प्रतिनिधि ने लोगों से आह्वान किया कि रुके हुए पानी का उपयोग मवेशी के पीने में होगा इसलिए इसमें कोई भी गंदगी न करें। उत्साहित ग्रामीणों का कहना है कि इससे हर साल आने वाली पानी की किल्लत से निजात मिलेगी और भूजल स्तर भी बढेगा।
