शाजापुर। शाजापुर में कुछ युवाओं ने पुलिसकर्मियों को कोरोना से बचाने के लिए अल्ट्रावायलेट सैनिटाइजर बनाया है। अल्ट्रावायलेट सैनिटाइजर की मदद से पुलिसकर्मी अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल, वॉकी टॉकी को सैनिटाइज किया जा सकता है। इससे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर मौजूद सभी प्रकार के वायरस बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। इसके फायदों को देखते हुए यह सैनिटाइजिंग मशीन शाजापुर जिले में ट्रैफिक पॉइंट पर लवाई गई है। इसका शुभारंभ पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया।
दरअसल कोरोना संकट में पुलिसकर्मी दिन-रात सड़कों पर तैनात हैं। ऐसे में हाथों को साफ़ करने के लिए पुलिसकर्मी लिक्विड सैनिटाइजर का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन पुलिसकर्मियों के पास अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सेनेटाइज करने के उपकरण नहीं है। दूसरी तरफ लिक्विड सैनिटाइजर से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जलने का खतरा होता है क्योंकि उसमें ज्वलनशील पदार्थ होते हैं।
इसको देखते हुए शाजापुर में कुछ युवाओं ने अल्ट्रावायलेट सैनिटाइजर बनाकर उसे पुलिस विभाग को सौंपा है। अल्ट्रावायलेट सैनिटाइजर में अल्ट्रावॉयलेट किरणों से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सेनेटाइज किया जाता है। अल्ट्रावायलेट किरणों से इंसान की त्वचा और आँखों को होने वाले नुकसान को देखते हुए इसे इस तरह से बनाया गया है कि अल्ट्रावॉयलेट किरणे सिर्फ बॉक्स के अंदर ही चले।
बता दे कि इस मशीन से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सेनेटाइज करने के लिए मशीन के अंदर डिवाइस को रखा जाता है। इसके बाद मशीन का दरवाजा बंद हो जाता है और अल्ट्रावॉयलेट किरणे डिवाइस पर गिरती है। इससे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर मौजूद सभी प्रकार के वायरस बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। मशीन बंद होने के बाद आप अपने डिवाइस को बाहर निकाल सकते हैं। इस मशीन के माध्यम से मोबाइल, पर्स, मास्क, क्लीनिकल उपकरण को सेनेटाइज किया जा सकता है।
