बैतूल। जहाँ जमीन के एक छोटे टुकड़े के कारण ही परिवार में खून-खराबा हो जाता है। वहीँ एक शख्स ने लाखों रुपए की जमीन को 44 साल बाद उसके वास्तविक मालिक को वापस कर एक मिसाल कायम की है। शख्स की ईमानदारी की समाज के लोग भी तारीफ़ कर रहे हैं।
दरअसल साल 1975 में बैतूल जिले के गजपुर गांव के रहने वाले जगदीश भारती का विवाह सेवक राम की बेटी के साथ तय हुआ था। रिश्ता तय होने के बाद सेवक राम ने अपने होने वाले दामाद के नाम 10 एकड़ जमीन उपहार के तौर पर कर दी थी।
हालाँकि बाद में कुछ ऐसा हुआ कि यह शादी नहीं हो पाई। बाद में दोनों परिवार ने अपने बच्चों की शादी अन्य परिवारों में कर दी। लेकिन जमीन जगदीश के नाम पर ही रही। आज 44 साल बाद 25 लाख रुपए की जमीन जगदीश ने सेवकराम को वापस कर दी। दोनों पक्षों ने रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच कर कागजी कार्यवाही को अंजाम दिया। सेवकराम का कहना है कि उन्हें यकीन था कि दी गई जमीन मुझे वापस मिल जाएगी।
