विदिशा। गुरुवार शाम को भोपाल उड़नदस्ता और सिरोंज वन अमले ने मिलकर एक 16 फिट लंबे अजगर का सफल रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान अजगर ने कई बार फॉरेस्ट टीम पर हमला किया। रेस्क्यू के बाद अजगर को भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में सुरक्षित लाकर छोड़ा गया।
विदिशा वनमण्डल के सिरोंज के सोना गाँव के सरपंच आलिम सईद ने गुरुवार सुबह जिला वन्यप्राणी अभिरक्षक भोपाल को सूचना दी थी कि उनके खेतों के पास एक बड़ा अजगर 3-4 दिनों से डेरा जमाए बैठा है। अजगर कभी खेत की मेड़ पर दिखाई देता है तो कभी खेत के पास बहती नदी में बैठ जाता है।
सूचना मिलने पर वन्यप्राणी अभिरक्षक आसिफ हसन ने मामले की जानकारी भोपाल सीसीएफ रविन्द्र सक्सेना को दी। सीसीएफ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत रेस्क्यू करने के निर्देश दिए।
निर्देश मिलने पर आसिफ हसन, उड़नदस्ता टीम प्रभारी आरके चतुर्वेदी, वनरक्षक यशवंत परिहार, नागेंद्र मिश्र, बबलू कटारे और भीम सिंह भोपाल से 125 किलोमीटर दूर सोना गाँव पहुंचे। यहाँ स्थानीय एसडीओ पंकज सिंह, रेंजर राजकुमार और अन्य स्टाफ भी उनके साथ आ गया था।
फारेस्ट की टीम कद उथली नदी में एक अजगर बैठा नज़र आया। अजगर करीब 15-16 फिट लम्बा और 40 किलो वजनी था। अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू करने में फॉरेस्ट टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आधे घंटे चले रेस्क्यू आपरेशन के दौरान अजगर ने कई बार फारेस्ट स्टाफ पर हमला भी किया। आखिरकार वन्यप्राणी अभिरक्षक आसिफ हसन ने अजगर की गर्दन पकड़ ली और अन्य स्टाफ की मदद से उसे एक बड़े बोरे में सुरक्षित बंद कर दिया।
इसके बाद अजगर को राजधानी के वन विहार नेशनल पार्क ले जाया गया। यहाँ अजगर को कुछ दिन डॉक्टर की निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद फैसला किया जाएगा कि अजगर को जंगल में छोड़ना है या नहीं।
