झाबुआ। धरती का जल स्तर बढ़ाने के लिए काम कर रही सामाजिक संस्था शिवगंगा के नेतृत्व में हाथीपावा की पहाड़ी पर हलमा यानि सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम हुआ। संस्था का दावा है कि इस आयोजन में 20 हजार ग्रामीणों ने श्रमदान करते हुए 40 हजार जल संरचनाएं बनाई। इतनी ज्यादा जल संरचनाएं बनाने से हाथीपावा की पहाड़ी के आसपास का जल स्तर बढ़ेगा।
हाथीपावा की पहाड़ी पर हलमा लगभग तीन घंटे तक चला। इस दौरान ग्रामीणों ने 15 अलग-अलग समूहों में बंटकर जल संरचनाएं बनाई। इसे देखने के लिए विधायक कांतिलाल भूरिया सहित करीब 150 से अधिक मेहमान भी पहुंचें। हलमा आयोजन को समझने आईआईटी कानपुर से 14, रुढ़की से 3 और दिल्ली से 37 विद्यार्थी पहुंचे। एनआईडी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन) से 11 स्टूडेंट पहुंचे थे।
बता दे कि शिवगंगा ने साल 2010 में हलमा कार्यक्रम करने की शुरुआत की थी। इस आयोजन से पहले हलमा कार्यक्रम के दौरान अब तक 1 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं ने 1 लाख 11 हजार जल संरचनाएं बनाई है। यह जल संरचनाएं दो मीटर लंबी, ढाई मीटर गहरी तथा ढाई मीटर चौड़ी होती है। इन संरचनाओं में से 350-400 लीटर बारिश का पानी सहेजा जा सकता है। इससे धरती का जल स्तर बढ़ जाता हैं।
