इंदौर। अब इंदौर संभाग में कोई भी गोवंश निराश्रित नहीं रहेगा। गोवंश के रहने के लिए पूरे संभाग में 56 गौ-शालाओं का निर्माण किया जा रहा है। अब तक 36 गौ-शालाओं का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है जबकि 20 गौ-शालाओं का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
दरअसल बुधवार को इंदौर कमिश्नर कार्यालय में सम्पन्न हुई बैठक में संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने ग्रामीण विकास संबंधी कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी गौ-शालाओं को सर्वसुविधायुक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में पहुंचे सभी कलेक्टर्स को आदेश दिया कि इन गौ-शालाओं का बेहतर प्रबंधन किया जाए। संभाग के किसी भी जिले में गोवंश निराश्रित नहीं रहना चाहिए। सड़कों और अन्य स्थानों रहने वाले निराश्रित गोवंश को गौ-शालाओं में रखा जाए।
संयुक्त आयुक्त विकास श्रीमती चेतना फौजदार ने बताया कि इंदौर संभाग के सभी जिलों में कुल 56 गौ-शालाओं का निर्माण किया जा रहा है। अब तक 36 गौ-शालाओं का निर्माण हो चुका है जबकि 20 गौ-शालाओं का निर्माण किया जा रहा है। बैठक में संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने गोवंश को गर्मी से बचाने के लिए गौशालाओं में बने टीन शेड के ऊपर घास-फूस भी लगाने के लिए कहा है। इसके अलावा गोवंश के लिए पेयजल और आहार का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाये।
इसके अलावा बैठक में नदी पुनर्जीवन योजना की भी समीक्षा की गई है। इस दौरान सामने आया कि बड़वानी में 825 कार्य पूर्ण हो गये है। इस कार्य के लिये उन्होंने बड़वानी कलेक्टर अमित तोमर की सराहना की। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि संभाग के विभिन्न अस्पतालों में 231 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, इससे ग्रामीण अंचल में चिकित्सा सेवाओं में सुधार होगा।
