उज्जैन। उज्जैन में शिप्रा से महाकाल मंदिर की तरफ आने के लिए 1 हजार साल पुराने प्राचीन द्वार में आने वाले समय में 84 महादेव नजर आएंगे। इस ऐतिहासिक द्वार को 84 महादेव गैलरी के रूप में विकसित करने के साथ ही यहां महाकाल से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी पर्यटकों और यात्रियों को मिलेगी।
दरअसल यह दरवाजा महाकाल वन के भीतरी दरवाजों में से एक है। समें 24 खंभा भी एक है। स्मार्ट सिटी के सिटी चैलेंज में इस द्वार की प्राचीनता लौटाने का काम किया जा रहा है। इसी के तहत इसका सर्वे करके प्रोजेक्ट तैयार करने की शुरुआत कर दी है। इस द्वार को 84 महादेव गैलरी और महाकाल से संबंधित पौराणिक व ऐतिहासिक जानकारी देने के लिए तैयार किया जाएगा। ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को महाकाल और इससे संबंधित स्थलों की जानकारी मिल सके।
महाकाल मंदिर से जुड़े शोधकर्ता का कहना है कि महाकाल वन एक योजन यानी 13 किमी गोलाकार था। इसके मुख्य 4 द्वार है और बीच में महाकाल वन था। मुख्यद्वारों के भीतर भी द्वार थे। 24 खंभा महाकाल मंदिर की ओर जाने वाला मुख्य द्वार था।
