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इंदौर की पुलिस ऑफ़िसर्स मेस में महिला के साथ पकड़ा चुके एडिशनल एसपी पर उसी महिला और उसकी बेटी द्वारा कराई गई एफ़आइआर के बाद जयपुर कोर्ट ने एडिशनल एसपी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है।
जयपुर मेट्रो की पॉक्सो मामलों की विशेष कोर्ट ने एक क्रिमिनल केस में 12 साल पहले पीड़िता महिला के पति की मदद के नाम पर उससे दुष्कर्म करने के मामले में मध्यप्रदेश पुलिस के तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं पीड़िता की नाबालिग बेटी से अश्लीलता करने पर अभियुक्त मिश्रा को तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि अभियुक्त एमपी में पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी था। वहां पर उसकी जिम्मेदारी आम नागरिकों की सुरक्षा करने की थी, लेकिन उसने पीड़िता के जेल में बंद पति की मदद करने का प्रलोभन देकर उसके साथ अलग-अलग शहरों में ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया।”
मामला इंदौर में डीएसपी क्राइम रहे और भोपाल में एडिशनल एसपी सीआईडी के पद पर रहे अनिल मिश्रा पर महिला द्वारा एफ़आइआर कराइ गई थी।
मिश्रा महिला के पति के केस की जांच कर रहे थे। इसी जांच के संदर्भ में उनकी महिला से पहचान हुई थी। उन्होंने महिला को इंदौर के सदर बाज़ार स्थित पुलिस ऑफ़िसर्स मेस में बुलाया। इस बात की सूचना किसी ने तत्कालीन आईजी को दी आईजी एसपी पश्चिम को बोलकर छापा डलवाया लेकिन मिश्रा वहां से भाग गए महिला पुलिस को मिल गई उसने बताया की मिश्रा ने उसे बुलाया था।
इसके बाद मिश्र उसे अलग अलग स्थानों पर ले गए और रेप किया।
साथ ही अभियुक्त ने उसके साथ जोधपुर और मुंबई सहित अन्य जगहों पर ले जाकर भी दुष्कर्म किया। इस दौरान अप्रैल, 2014 में अभियुक्त ने उसकी नाबालिग बेटी के साथ अश्लीलता भी की। जिस पर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया। कोर्ट ने सबूतों व गवाहों पर अभियुक्त तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा को उम्रकैद की सजा सुनाई।”
“मामले से जुड़े विशेष लोक अभियोजक संदीप वाजपेयी और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मुकेश पाठक ने कोर्ट को बताया कि 11 जुलाई, 2014 को पीड़िता ने महिला थाना दक्षिण में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि फरवरी, 2012 में एमपी के सिहोर में उसके पति के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। इस दौरान उसके पति ने उसे बताया कि एआईजी के पद पर तैनात आरोपी अफसर भी उसके बिजनेस से जुड़े हुए हैं, वह उनसे जाकर मिल ले। तब मार्च माह में वह भोपाल जाकर आरोपी पुलिस अफसर से मिली। आरोपी ने उसके पति की मदद का प्रलोभन देकर ऑफिसर मैस में ही उससे दुष्कर्म किया। उससे कई बार अपने बैंक खाते में रुपए भी ट्रांसफर कराए।”
