पन्ना। कहा जाता है कि माता-पिता बच्चों के प्रथम गुरु होते हैं। उनके अच्छे बुरे कार्यों का असर बच्चों पर पड़ता है। यही कारण है कि एक गाँव के बच्चे अपने पिता को अनोखे तरीके से नसीहत दे रहे हैं। पिता का नशा और जुए की लत छुड़ाने के लिए बच्चों ने दीवारों पर पर्चे चिपकाएँ हैं। बच्चों की इस पहल को कलेक्टर ने भी सराहा है।
मामला पन्ना मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर जनवार ग्राम है। यहाँ अधिकतर यादव और आदिवासी जाति के लोग रहते हैं। गाँव में ज्यादातर पुरुष रोजाना जुआ और नशा करते हैं। ऐसे में अपने परिजनों की इस बुरी लत को छुड़वाने के लिए बच्चों ने स्कूल की दीवार पर पर्चे चिपकाएँ हैं।
पर्चों पर बच्चों ने लिखा है कि, “मैं तुमसे सिखता हूँ। यदि आप आज खेलते हैं तो मैं कल खेलूँगा। मैं जब बड़ा हो जाऊंगा तो मुझे कमाने के लिए मत पूछना क्योंकि तब मैं जुआ खेलने में व्यस्त हो जाऊंगा।”
बच्चों की इस मासूम अपील का असर भी ग्रामवासियों पर नहीं पड़ा। कई अभिभावकों ने इसके लिए अपने बच्चों को डांट-फटकार भी लगाई हैं। बच्चों की अपील के बाद भी अब तक गाँव वालों ने ना तो शराब को छोड़ा है और ना ही जुआ खेलना बंद किया है।
हालाँकि पन्ना जिले के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जरुर बच्चों की मुहीम का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों का यह कदम सराहनीय है। हम जल्द ही सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट के माध्यम से यहां पर नशा मुक्ति अभियान चलाएंगे और जल्द ही बच्चों के साथ मिलकर इस गांव को नशा मुक्त ग्राम बनाएंगे।
वैसे तो हर साल सरकार नशा मुक्ति अभियान के नाम पर करोड़ों रुपए फूंक देती है लेकिन हकीकत कुछ और बयां करती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बच्चों की इस अनोखी पहल और प्रशासन के मुखिया की कोशिश क्या रंग लाती है।
