विदिशा। किसानों की कर्ज माफी को पूरा करने में नाकाम रही कमलनाथ सरकार की एक बार फिर से किसानों से बुरा बर्ताव को लेकर किरकिरी हो रही है। मामला विदिशा जिले का है। यहां पर अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों को लेकर हुए सर्वे में किसानों के गले में पट्टी बांधने व अपराधियों जैसा बर्ताव का मामला तूल पकड़ चुका है। अतिवृष्टि से परेशान चल रहे किसानों ने सरकार के इस बर्ताव से नाराजगी देखी जा रही है। गले में पट्टी बांधकर फोटो खींचने का काम आमतौर पर खूंखार या लिस्टेड गुंडों की पहचान के लिए पुलिस करती है लेकिन विदिशा में जो हुआ उससे किसानों में नाराजगी है। अब मामले ने तूल पकड़ा तो जिला पंचायत सीईओ के मुताबिक इस मामले में तुरंत रोक लगा दी गई है, हालांकि उन्होंने इसके पीछे गलत उद्देश्य नहीं बताया। वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भी कहा है कि उन्होंने इस तरह सर्वे करने के लिए कोई निर्देश नहीं दिए थे।
किसान के साथ अपराधी जैसा व्यवहार, गले में टांग दी पट्टी
विदिशा जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर ग्यारसपुर से सटे मानोरा गाँव का है। यहां अतिवृष्टी से किसानों की फसले बर्बाद हो गई। पीडित किसान जब तहसीलदार के पास पंहुचे तो उन्होंने सर्वे कराने का फैसला लिया। प्रशासनिक दल किसानों के खेतों में पंहुचा और सर्वे के नाम पर किसानों के हाथों में कैदियों की तरह स्लेट पकडा कर उनकी तस्वीर खिंचवाई गई। फर्क इतना था कि इस स्लेट पर अपराध की जगह किसान का नाम, फसल का नाम, खसरा नंबर और जमीन के बारे में लिखा गया है। किसानों ने प्रशासन के इस कृत्य को अमानवीय मानते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई। किसानों का कहना है कि इस तरह का बर्ताव आमतौर पर ऐसे कैदियों के लिए किया जाता है जो आदतन अपराधी होते हैं और पुलिस को उनकी पहचान के लिए रिकॉर्ड में फोटो रखना होती है। किसानों के साथ यह कृत्य बेहद शर्मनाक है। वहीं विदिशा के जिला पंचायत सीईओ इस मामले की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही करने की बात कह रहे हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
विदिशा जिले में किसानों के साथ हुए इस बर्ताव के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने इस मामले में कमलनाथ सरकार की खिंचाई की। वहीं दूसरी ओर प्रदेश् के कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसानों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना की जांच होगी जो भी कर्मचारी व अधिकारी इसके लिए दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
