रतलाम। बेटे के जन्म पर जश्न मनाते आपने कई लोगों को देखा होगा। लेकिन एक परिवार ने बेटी के जन्म पर धूमधाम से जश्न मनाया। बेटी के पहली बार घर आगमन पर पूरे घर को फूलों से सजाया गया। जमकर आतिशबाजी की गई। जब बेटी के ग्रह प्रवेश को उत्सव में बदलने की खबर महिला बाल विकास के अधिकारियों तक पहुंची तो विभाग के अधिकारी बेटी के घर पहुंचें और बेटी को अपनी ओर से उपहार दिया। साथ ही बेटी के माता पिता का सम्मान प्रशंसा पत्र प्रदान कर किया।
दरअसल रतलाम के दीनदयाल नगर में रहने वाले नाहर सिंह टाक की बेटी अंतिम की शादी एक साल पहले शहर के अमृत सागर कॉलोनी में रहने वाले पुलिस आरक्षक जितेंद्र टाक के साथ हुई थी। जितेंद्र मंदसौर जिले के पिपलिया थाने में पदस्थ है। पुलिसकर्मी होने के कारण जितेंद्र आए दिन भ्रूण हत्या, झाड़ियों में बालिकाओं को फेंकने जैसी घटनाओं को देखते हैं।
ऐसे में जितेंद्र ने एक सामाजिक संदेश देते हुए अपनी पहली संतान बेटी होने पर घर को फूलों से सजाया। परिवार ने बेटी का अनोखे तरीके से स्वागत किया। ख़ास बात यह है कि अंतिम को भी नहीं पता था कि उसका और बेटी का इस तरह स्वागत किया जाएगा। खुशी के मारे उसकी आंख से आंसू निकल आए।
दोनों के परिवारों ने इस खुशी के माहौल में ढोल धमाकों साथ जश्न मनाया। घर में लाल फीता काटकर बेटी का प्रवेश कराया। बेटी को घर लाने के पहले उसके घर में फोटो भी लगाए गए।
बेटी के पैदा होने पर जश्न की खबर जल्द ही महिला बाल विकास के अधिकारियों तक भी पहुंची। महिला बाल विकास विभाग की सेक्टर प्रभारी एहतेशाम अंसारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेटी के घर पहुंची। वहां बेटी को अपनी ओर से उपहार दिया। वहीँ विभाग की ओर से बेटी के माता-पिता का सम्मान प्रंशसा पत्र प्रदान कर किया।
जितेंद्र की पत्नी और बेटी की माँ अंतिम कहती है कि उसे नही पता था कि हॉस्पिटल से घर आने पर ऐसा सब कुछ होगा। इतना बेहतरीन स्वागत देखकर उसकी आँखों मे खुशी से आंसू आ गए थे। वो कहती है कि ससुराल में कभी किसी ने यह नही चाहा की बेटा हो।
एक तरफ जहाँ आए दिन कन्या भ्रूण हत्या की खबरें सामने आती हैं। वहीँ दूसरी तरफ बेटी के जन्म पर अनोखी खुशी मनाना समाज को एक बड़ा सन्देश है। इस तरह के प्रयासों से बेटी बचाओ के प्रयासों को बल मिलेगा और कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध में कमी आएगी।
