बड़वानी। सरदार सरोवर डैम के बैक वाटर के कारण कई गाँव खाली हो चुके हैं। हालाँकि एक गाँव ऐसा भी हैं जो पूरी तरह खाली हो गया है लेकिन मंदिर के पुजारी और सेवादार भगवान को छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं। दोनों का कहना है कि जब तक भगवान यहां पर है गाँव को नहीं छोड़ेंगे। अगर मंदिर पुनर्वास में शिफ्ट हो जाएगा तो साथ में चला जाएंगे।
मामला बड़वानी जिले के ग्राम पिपलूद का है। यह गाँव सरदार सरोवर डैम के बैक वाटर के कारण पूरी तरह डूब चुका है। गाँव की आबादी करीब 1300 है। पुजारी और सेवादार को छोड़कर सभी लोग गाँव छोड़कर जा चुके हैं। गाँव में पुरातत्व महत्व का लगभग 400 साल पुराना नरसिंह भगवान का मंदिर है। पुजारी और सेवादार मंदिर छोड़कर जाने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि जब तक भगवान गांव में है यहीं रहेंगे। अगर भगवान पुनर्वास स्थल जाते हैं तो हम उनके साथ जाएंगे।
इस मंदिर से जुड़ी कई चीजें प्रसिद्ध है और लोग दूर-दूर से दर्शन करने यहां आते थे। मंदिर के सेवादार नर्मदा परिक्रमा के दौरान दो से तीन बार यहां आए थे। 2008 में वह यहाँ आए और यहीं के होकर रह गए। गाँव में सिर्फ दो ही लोग रहे रहे हैं। इसलिए इनका यहां जीवन यापन करना मुश्किल है। दोनों बिजली, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
