सिवनी। जिला अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में आराम-फरमा रहे डॉक्टर साहब की नींद में जब खलल पड़ा तो साहब गुस्सा हो गए। गुस्सा भी ऐसा कि मरीज को देखने की बजाय डॉक्टर साहब ने अपने सहयोगी एंबुलेंस संचालक से कहकर ड्यूटी पर तैनात गार्ड की जमकर पिटाई करवा दी। एंबुलेंस ड्राईवर ने अपना जूता निकालकर सुरक्षाकर्मी को मारा। मामले में सुरक्षाकर्मी ने डॉक्टर साहब और एंबुलेंस संचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। घटना का सीसीटीवी फ़ुटेज भी सामने आया है।
मामला सिवनी के इंदिरा गांधी जिला अस्पताल का है। बुधवार-गुरुवार की रात करीब एक बजे एक व्यक्ति अपने पाँच साल के बेटे के पेट दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल पहुँचा। डॉक्टर ड्यूटी रूम में डॉक्टर नहीं मिला तो सुरक्षाकर्मी से पूछा। सुरक्षाकर्मी ने बताया कि डॉक्टर ड्यूटी रूम के बाजू वाले कक्ष में है। इस पर बच्चे के पिता और अन्य परिजनों ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। इससे डॉक्टर प्रवीण ठाकुर इतने नाराज हो गए कि मरीज को देखने की बजाय सुरक्षाकर्मी को ही भद्दी-भद्दी गालियां दे डालीं।
इसी बीच डॉक्टर प्रवीण ने अन्य युवक से कहा कि गार्ड ने मरीज़ के परिजनों को दरवाजा खटखटाने से नहीं रोका इसलिये उसकी पिटाई की जाये। डॉक्टर के कहने पर एंबुलेंस संचालक विजय डेहरिया ने फिल्मी स्टाइल में निजी कंपनी के सुरक्षा कर्मी को मारना आरंभ कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विजय डेहरिया के द्वारा अपना जूता उतारकर सुरक्षाकर्मी मनोज श्रीवास की जमकर पिटाई की गयी।
इसके बाद डॉक्टर प्रवीण ने संचालक विजय को कहा कि गार्ड को पकड़ो, इसे बांधकर मारते हैं। यह सुनते ही जैसे-तैसे वहाँ से भागने में सफल हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस समय यह घटना हुई उस समय डॉक्टर प्रवीण और संचालक विजय नशे में थे। हालाँकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़ित गार्ड मनोज श्रीवास ने बताया कि वह रात में ही कोतवाली शिकायत करने गया था पर पुलिसकर्मियों ने उसे सुबह आने के लिए कहा।
