राजगढ़। आर्थिक परेशानी, स्कूल से दूरी या फिर जल्दी शादी होने के चलते युवतियों को बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। ऐसी युवतियों और महिलाओं को एक बार फिर पढ़ाई से जोड़ने के लिए प्रशासन ने “बादल पर पांव है” अभियान शुरू किया। इस अभियान से धीरे-धीरे युवतियां और महिलाएं जुड़ती गई और इनकी संख्या बढ़कर 4000 तक पहुंच गई। हाल ही में शहर के स्टेडियम में सामूहिक रूप से एक परीक्षा आयोजित की गई। 2400 से अधिक युवतियां और महिलाएं परीक्षा में शामिल हुई। इस अनोखी पहल को गिनीज बुक में पंजीकृत कर लिया है। पढ़ाई छोड़ चुकी महिलाओं को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने का यह विश्व में पहला कार्यक्रम है।
प्रदेश के राजगढ़ में पिछले कई महीनों से ऐसी महिलाओं को तलाशा जा रहा था जो पढ़ाई छोड़ चुकी हैं। इन्हें वापस पढ़ाई से जोड़ने के लिए विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। अधिकारियों ने गांव-गांव में जाकर पढ़ाई की इच्छा रखने वाली युवतियों और महिलाओं को खोजा। इसके बाद विभिन्न स्कूलों में उनकी कोचिंग और पढ़ाई शुरू कराई।
ख़ास बात यह है कि खुद अधिकारी भी युवतियों और महिलाओं को पढ़ाने के लिए आती थी। जब इनमे पढ़ाई का जज्बा जागा तो शहर के स्टेडियम में सामूहिक रूप से एक परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में 2400 से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया। इसके बाद यह सभी ओपन स्कूल की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होंगी। इन सभी महिलाओं की फीस ईसीजीसी लिमिटेड के माध्यम से जमा की जा रही है।
आयोजन में मुख्य अतिथि के रुप में लोक शिक्षण संचनालय की संचालक जयश्री कियावत पहुंची। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा फिर से पढाई से जुड़कर ना सिर्फ तुम अपनी जिंदगी बना रही हूं बल्कि पूरे परिवार की जिंदगी सुरक्षित कर रही हो। यदि हमें देश को आगे ले जाना है तो बेटियों को आगे बढ़ाना ही होगा। कलेक्टर निधि निवेदिता बधाई की पात्र है कि उन्होंने लड़कियों को आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने आपको जो सपना दिखाया उसमें सफल हो और जो भी मेरे से हो सकेगा वह मैं करूंगी। पहले यह कार्यक्रम सिर्फ शिक्षा विभाग तक सीमित था इसे महिला बाल विकास से भी जोड़ा जाएगा।
विधायक बापू सिंह तंवर ने संबोधित करते हुए कहा कि यह एक अच्छी पहल है और इसे आगे बढ़ाने के लिए जो भी जरूरत हो और मेरे से जो भी हो सकेगा वह मैं करूंगा। कलेक्टर विधायक निधि को जैसे चाहें वैसे उपयोग करें मैं हर काम के लिए तैयार हूं। जिस तरह से इस परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया है। उसी तरह बोर्ड परीक्षाओं में भी शामिल होकर उसे पास करते हुए जिले का नाम रोशन करें।
