बैतूल। मध्यप्रदेश में बिजली विभाग की तानाशाही से ग्रामीण अंचलों में रहने वाले ग्रामीण और किसानों बहुत परेशान है। बिजली विभाग बिना मीटर लगाए ही ग्रामीणों से एवरेज रिडिंग का बिल देकर रुपये वसूल रही है। ग्रामीणों को इसके बदले रसीद भी नहीं दी जा रही है। दूसरी तरफ खेतिहार किसानों को मिलने वाला 3 हॉर्स पावर का बिल 5 हॉर्स पावर करने के बाद अब और बढ़ाकर 7.5 हॉर्स पावर का वसूला जा रहा है। वहीँ जब इसे लेकर जिम्मेदारों से सवाल किए तो वह बिलो में सुधार करने की सफाई दे रहे हैं।
ताजा मामला बैतूल जिले लाखापुर गाँव का है। गाँव के 170 घरों में से तकरीबन 140 घरों में रहने वाले ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन लगवाने के लिए आवेदन और शुल्क जमा कराया। इस पर विभाग ने ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन तो दे दिया लेकिन सालभर बीत जाने के बाद भी मीटर नहीं लगाया। विभाग ग्रामीणों से एवरेज और उससे ज्यादा की खपत के बिल देकर वसूली कर रहा है। ज्यादातर ग्रामीणों से बिल के भुगतान की राशि विभाग का लाइनमैन लेकर जाता है लेकिन बदले में किसी तरह की कोई रसीद भी नही दी जाती है। अगर ग्रामीण बिल की राशि जमा नहीं करते हैं तो बिजली कर्मचारी अपना तानाशाही रवैया दिखाकर उस ग्रामीण का कनेक्शन ही काट देते है।
ग्रामीणों का कहना है कि मीटर के लिये पैसे भरे लेकिन तीन साल हो गए अब तक मीटर नही लगा। विभाग द्वारा एवरेज के नाम पर दो से ढाई हजार का बिल दिया जा रहा है। बिना रिडिंग का बिल मिलता है। बिल नही भरने पर लाइन काट दी जाती है। जिनके घर में कोई पंखा, टीवी, कूलर नहीं है उनके घर में भी चार सौ रुपए के बिल आ रहे हैं। बिल के जमा पैसों की कभी-कभी रसीद मिलती है कभी नही भी मिलती है।
दूसरी तरह इलाके के खेतिहर किसानों के साथ भी बिजली विभाग मनमानी कर रहा है। विभाग ने पांच साल पहले खेतों में सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन 3 हॉर्स पावर के बिल को बढ़ाकर 5 हॉर्स पावर कर दिया और अब 7.5 हॉर्स पावर की मोटर का बिल देकर किसानों पर बोझ बढ़ा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि हम बिजली की कटौती से परेशान है दूसरी तरफ बिल भरते जा रहे है।
वहीँ विभाग ने जिन किसानों का कनेक्शन 3 हॉर्स पावर का था उसको 5 हॉर्स पावर का कर दिया और जिसका कनेक्शन 5 हॉर्स पावर का था उसको 7.5 हॉर्स पावर का कर दिया। इससे हालात यह है कि जिन किसानों का बिल चार माह पहले तीन हजार आता था वह अब छह हजार का आ रहा है। बरसात की वजह से पहले ही फसल बर्बाद हो चुकी है। दूसरी तरफ बिल जमा नहीं करते है तो वह इतना बढ़ जाएगा कि उसे चुकाने के लिए जमीन बेचनी पड़ेगी।
इस मामले में विभाग के प्रमुख का कहना है कि समृद्ध ग्रामीणों के बने पक्के मकानों पर मीटर लगाए जा रहे है। दूसरे फेस में दूसरे लोगों को लिया जाएगा। खेतिहर किसानों को 3.5 हॉर्स पावर, 7.5 हॉर्स पावर, 10 हॉर्स पावर के कनेक्शन दिए जाते है।
