बैतूल। अक्सर हम अपने क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की ओर निहारते हैं। लेकिन प्रदेश का एक गाँव ऐसा भी है जहाँ के युवाओं ने सरकार के भरोसे बैठे रहने के बजाय खुद ही गाँव के विकास की नई इबारत लिख दी। युवाओं के प्रयासों से पूरा गाँव एलईडी बल्ब की दूधिया रोशनी से जगमगाने लगा है। युवाओं का यह ग्रुप गाँव के विकास कार्यों में बराबर भागीदारी कर रहा है। इसके अलावा गरीब परिवारों में होने वाली शादी में भी यह योगदान करते हैं।
बैतूल जिला मुख्यालय के समीप बसे खेड़ली किला गांव में आए दिन चोरी की घटनाएँ होती थी। इसको रोकने के लिए गाँव के 50 युवाओं के ग्रुप में निगरानी करना शुरू किया। इससे चोरी की घटनाओं में कमी आई।
दरअसल गाँव में स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण अँधेरे का फायदा उठाकर चोर चोरी करते थे। इसके लिए युवाओं ने अपनी जेब खर्च बचाकर बिजली के पोलो पर लाइट लगाने का फैसला किया। जब यह बात गांव की सरपंच लीलावती राजू उइके को पता चली तो उन्होंने युवाओ से कहा पंचायत स्तर पर इस्टीमेट बनवाकर एलईडी लाइट लगवा देंगी। इस तरह सभी के सहयोग से दीपावली के दिन पूरा गांव रोशनी से जगमगा उठा। 200 घरों और 2000 की आबादी वाले इस गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाने में 3 लाख 12 हजार का खर्च आया है।
गाँव के विकास में भागीदारी निभाने वाले युवकों के ग्रुप का नाम हैल्पिंग हैंड्स ग्रुप रखा गया है। युवाओ ने एक हजार पौधों का रोपण भी किया है। इन पौधों की देखभाल भी ग्रुप के सदस्य ही करते हैं। गांव के विकास कार्यो के लिए सभी युवा 200 रुपये प्रति माह मासिक अंशदान भी जमा कर रहे हैं। इस राशि से ग्रुप गांव के विकास कार्य करता है। किसी गरीब के यहां शादी हो तो ये युवा आर्थिक मदद भी करते हैं।
सरपंच पति ने बताया कि जल्द ही गांव को नल-जल योजना का लाभ भी मिलेगा। डिजिटल तकनीक के जरिये यह ग्रुप ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है।
खेड़ली गांव के इन युवाओं ने जिस तरह अपने गांव के विकास को लेकर प्रयास शुरू किया है। यदि ऐसा ही प्रयास सभी ग्राम पंचायतों में किया जाए तो गांवों की की एक अलग तस्वीर पूरे देश मे देखने को मिल सकती है।
