विदिशा। क्या सरकारी सिस्टम इतना पत्थर दिल हो सकता है। महिला का पति के सामने बलात्कार किया गया। फिर पति की गला दबाकर हत्या कर दी गई। पूरी रात महिला सूबकती रही। इस घिनौनी और दिल दहला देने वाली घटना के बाद सरकारी सिस्टम ने महिला के साथ जो सलूक किया वो और बेहद शर्मनाक है। बलात्कार पीडिता सुबह से शाम तक अपनी पति की लाश के साथ पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल-दर- अस्पताल भटकती रही और डॉक्टर त्यौहार की खुमारी में लापरवाही की नींद सोते रहे।
मामला विदिशा जिले के आलमपुर गाँव का है। यहाँ रहने वाली महिला का उसके पति के सामने ही बलात्कार किया गया और बाद में आरोपियों ने पति को मार दिया। इस घटना को दो आरोपी युवकों द्वारा अंजाम दिया गया है।
दरअसल दोनों आरोपी और महिला का पति साथ में बैठकर शराब पी रहे थे। इस दौरान एक आरोपी पीड़ित महिला को अपने साथ टपरानुमा मकान के पीछे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला ने जब इसका विरोध किया तो महिला के साथ मारपीट की गई। महिला के शरीर पर चोट के गम्भीर निशान हैं।
घर के अंदर दूसरे युवक मनोज के साथ बैठे पति को जब मामले की भनक लगी तो वह इन सब बातों का विरोध करने लगा। इस पर आरोपियों और महिला के पति बीच विवाद हुआ। इसके बाद दोनों आरोपियों ने पीड़ित महिला के पति की हत्या कर दी।
इस क्रूरतम घटना के बाद सरकारी सिस्टम ने अमानवीयता की जिन हदों को पार कर दिया उसे सुनकर आपके रोंगटे खडे हो जाएगें। महिला को साथ लेकर पुलिस पोस्टमार्टम के लिए पति का शव ट्रेक्टर में लादकर 20 किलोमीटर दूर लटेरी ले जाया गया। यहां घंटों इंतजार के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। डॉक्टर्स नदारद होने की वजह से ढाई-तीन घंटे इंतजार कर पुलिस शव के साथ पीड़िता को 35 किलोमीटर दूर सिरोंज अस्पताल लेकर आई। यहां भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पुलिस फिर शव लेकर लटेरी पंहुची। यहां घंटों की मशक्कत के बाद पोस्टमार्टम किया गया। हैरानी की बात ये है कि महिला को मेडिकल के लिए यहां से 45 किलोमीटर दूर गंजबसौदा ले जाया गया।
बडा सवाल ये है कि क्या इतने जघन्य अपराध के बाद एक महिला को इंसाफ दिलाने के लिए सरकारी सिस्टम का ये रवैया वाजिब है।
