देवास। नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की चौखट पर कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो लोगों ने खुद ही अपनी समस्या का हल निकालने की ठानी। सबसे पहले सत्तर साल के बुजुर्ग आगे आए और रहवासियों की मदद से बदतर हो चुके कीचड़भरे रास्ते को मुरम की सड़क में बदल दिया।
दरअसल देवास जिले के पीपलरावां के वार्ड क्रमांक 13 की जामु कुआं कॉलोनी का मार्ग बहुत ख़राब है। रहवासियों को रोजाना इस उबड़ खाबड़ मार्ग से नाला पार करते हुए गुजरना पड़ता है। बारिश के दिनों में तो हालात और भी बदतर हो जाते है। रहवासियों ने नगर पंचायत के पार्षद से लेकर अध्यक्ष तक, सीएमओ से लेकर तहसीलदार तक और विधायक से लेकर मंत्री तक हर किसी की चौखट पर खस्ताहाल मार्ग को सुधारने की गुहार लगाई. नेता हर बार चुनाव आने पर नेता आश्वासन देते लेकिन चुनाव बाद आश्वासन हवा हो जाते।
आख़िरकार कुछ न होता देख रहवासियों ने खुद ही अपनी समस्या का हल निकालने की ठानी। जामू कुआं कालोनी में लगभग बीस-तीस परिवार रहते हैं। इनमें से ज्यादातर अजा वर्ग के है। तंगहाली के बावजूद बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा की खातिर रहवासियों ने प्रत्येक परिवार से लगभग चार से पांच हजार रुपए जनभागीदारी कर साठ हजार रुपए इकट्ठा किए. अब रहवासी इन पैसों से रास्ते पर मुरम डलवा रहे हैं। मजदूरी देने के पैसे नहीं है, इसलिए रहवासी खुद ही मुरम फैलाने का काम कर रहे है।
सत्तर वर्षीय बुजुर्ग रहवासी गंगाराम मालवीय का कहना है कि मेरे पोते-पोतियो के साथ कॉलोनी के अन्य छोटे बच्चे जान जोखिम में डालकर नाला पार करते हुए रोज स्कूल जाते थे। मार्ग के लिए हमने हर स्तर पर प्रयास कर लिया। सितंबर माह में आयोजित ‘आपकी सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में भी आवेदन देकर देख लिया। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तब हमें यह कदम उठाना पड़ा। अब चुनौती नाले में पाइप लगाने की है जो हमारे पास नहीं है।
