बड़वानी। प्रशासन ने बांध के पानी से अपना सब कुछ गवां चुके डूब प्रभावितों के मुंह का निवाला भी छीन लिया है। अपना घर जमीन छोड़कर टीन शेड में रहने पर मजबूर डूब प्रभावितों को आज से प्रशासन ने खाना खिलाना भी बंद कर दिया है। प्रभावित सुबह से भूखे बैठे हैं। वहीँ एसडीएम का कहना है कि गाइडलाइन के अनुसार 31 अक्टूबर तक ही भोजन की व्यवस्था करना थी। अब आदेश अनुसार भोजन की व्यवस्था बंद कर दी गई है।
दरअसल बड़वानी के डूब प्रभावित शासन द्वारा स्थापित टिन शेड में रहकर जीवन यापन कर रहे है। प्रशासन की ओर से डूब प्रभावितों को चाय नाश्ता और भोजन मुहैया करवाया जा रहा था। लेकिन आज से प्रशासन ने भोजन की व्यवस्था बंद कर दी है। इस कारण सुबह से डूब प्रभावित टीन शेड में भूखे बैठे हुए हैं।
डूब प्रभावितों का कहना है कि रोजगार है नहीं जमीन, मकान कुछ बचा नहीं है और प्रशासन ने भोजन की व्यवस्था भी बंद कर दी है। अब छोटे छोटे बच्चे कहा जाए।
जिम्मेदारों का कहना है कि प्रभावितों को भोजन पानी देने की डेडलाइन 31 तारीख तक थी। अब ऊपर से आदेश आ गए है कि भोजन बंद किया जाए। इसलिए आज से भोजन पानी बंद किया गया है।
अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये लोग अब कहा जाए क्या खाएं? क्या पिये? आखिर जब लोगों के पास अपनी व्यवस्थाएं नहीं तो फिर यह लोग कहां जाएंगे? और 2 जून की रोटी के लिए क्या करेंगे?
