शिवपुरी। पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालय के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की अब पोल खुलने लगी है। इस अभियान के अंतर्गत बनाए गए घटिया शौचालयों के निर्माण से अब लोगों की जाने भी जा रही हैं। शिवपुरी जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर बनाए गए शौचालयों के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। सोमवार की शाम को राठखेड़ा गांव में घटिया शौचालय ढह जाने से जिन दो आदिवासी बच्चों की मौत हुई है उसके पीछे भी शौचालय निर्माण का भ्रष्टाचार एक प्रमुख कारण रहा है। पोहरी जनपद पंचायत के वेसी ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले राठखेड़ा गांव में वर्ष 2013 में मर्यादा अभियान अंतर्गत आदिवासियों के लिए शौचालयों का निर्माण किया गया था। इन शौचालयों में जमकर भ्रष्टाचार हुआ। गांव को ओडीएफ करने के फेर में नाम के लिए शौचालय तो बना दिए गए लेकिन उनका उपयोग गांव वाले कर ही नहीं पाएं क्यों भ्रष्टाचार और कमीशन के फेर में आधा-अधूरा व घटिया काम किया गया। कागजों में ही शौचालयों का पूरा निर्माण दिखाकर पैसा निकाल लिया गया लेकिन इन आधे-अधूरे व घटिया शौचालयों की चपेट में आने से दो आदिवासी बच्चों की मौत हो गई। सोमवार को राठखेड़ा गांव के राजा आदिवासी (उम्र 7 वर्ष) और प्रिंस आदिवासी (उम्र 6 वर्ष) की शौचालय गिरने से मौत हो गई।
गांव वालों ने कहा कि हम तो खुले में जाते हैं शौच
कागजों में ओडीएफ हो चुके इस गांव के कोटवार रामसिंह ने बताया कि गांव में जो शौचालय बनाए गए हैं वह आधे अधूरे हैं और गांव वाले तो बाहर शौच करने जाते हैं। कोटवार ने बताया कि ऐसे ही एक शौचालय के ढह जाने से दो बच्चों की मौत हो गई। गांव के भीम आदिवासी ने बताया कि गांव में आदिवासी परिवारों के लिए बनाए गए अधिकतर शौचालयों का निर्माण घटिया हुआ है और गांव वाले इनका उपयोग ही नहीं करते हैं। गांव के हरिलाल आदिवासी ने बताया कि गांव के अधिकतर शौचालयों की स्थिति खराब है। दोबारा से हमने शौचालय बनवाने की मांग की तो कहा कि एक बार बन गए अब दोबारा नहीं बनेंगे।
पंचायत सचिव ने कहा कि मेरे कार्यकाल का नहीं निर्माण
गांव के सहायक सचिव शशीकांत धाकड़ का कहना है कि जो शौचालय ढहा है वह उनके कार्यकाल का नहीं है। उसने तो इस साल ही यहां पर चार्ज संभाला है। सहायक सचिव पोहरी विधायक के रिश्तेदार हैं लेकिन उन्होंने इस बात का स्वीकार किया है कि यहां पर मर्यादा अभियान में कुछ साल पहले बनाए गए शौचालयों का निर्माण घटिया हुआ है और ऐसे ही एक शौचालय के ढह जाने से दो बच्चों की मौत हो गई।
विधायक बोले- भाजपा के शासन में पंद्रह साल भ्रष्टाचार ही तो हुआ है
राठखेड़ा गांव पोहरी से कांग्रेस विधायक सुरेश राठखेड़ा का गृह गांव है। जब विधायक से यहां पर शौचालय निर्माण को लेकर हुए भ्रष्टाचार को लेकर पूछा गया तो उन्होंने भी साफ कहा कि यहां पर 15 साल भाजपा की सरकार रही उनकी ही विधायक इस क्षेत्र से रहे। अब उनकी सरकार आई है और वह इस भ्रष्टाचार की जांच के लिए अधिकारियों से कहेंगे जिससे दोषियों पर कार्रवाई हो सके। मृतक बच्चों के परिजनों को आर्थिक सहायत दिलाए जाने की बात भी विधायक ने कही।
प्रशासन ने जांच दल का किया गठन
पोहरी विधायक सुरेश राठखेड़ा के गांव में घटिया शौचालय ढह जाने के बाद दो बच्चों की मौत के बाद अब जिला प्रशासन के आला अधिकारी बचाव की मुद्धा में हैं। पोहरी जनपद पंचायत के सीईओ अरविंद शर्मा ने तो इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। कहा कि कलेक्टर साहब से पूछे। जबकि इनके कार्यकाल में ही यहां पर इस भ्रष्टाचार की रूपरेखा लिखी गई। अब वह जवाब देने से पीछे हट रहे हैं। वहीं जब जिला पंचायत के सीईओ एचपी वर्मा से इस मामले में बात की तो उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इस गांव में शौचालय निर्माण में घटिया काम कराए जाने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
