भोपाल। नूरगंज में दूषित पानी पीने से हुई ग्रामीणों की मौत के बाद अब इस मामले को लेकर राजनीति छिड़ गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को नूरगंज पहुंचे। यहाँ शिवराज ने कहा कि पिछले दो महीने में गाँव में 11 लोगों की मौत हुई है। यह स्वाभाविक नहीं है। सरकार सोई हुई है। यह सहन करने लायक नहीं है।
दरअसल राजधानी से लगभग 30 किलोमीटर दूर नूरगंज में पिछले दिनों दूषित पानी पीने से तीन ग्रामीणों की मौत हो गई थी। वहीँ कई ग्रामीण बीमार पड़ गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने नूरगंज में कहा कि, अभी भी 70 परिवार में 80 लोग बीमार है, मेरे पास इसकी सूची है। प्राइवेट अस्पताल मरीजों का इलाज नहीं कर रहे है। हमारी सरकार में तुरंत प्राइवेट अस्पतालों को निर्देशित कर दिया जाता था। मरीजों को स्वेच्छानुदान की राशि जारी कर दी जाती थी। हमने कभी मरीज को दिक्कत नहीं होने दी। संकर के समय प्रशासन इलाज नहीं करवा पा रहा है। पिछले चार दिनों में चार लोगों की मौतें हुई है।
शिवराज ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार मौतों से गाँव डरा हुआ है। भोपाल से नजदीक होने के बाद भी अब तक कोई मंत्री गाँव में नहीं आया। मुख्यमंत्री कमलनाथ नहीं आ सकते है तो मंत्री ही आ जाए। हम लापरवाही सहन नहीं करेंगे। सरकार को पानी की उचित व्यवस्था करना चाहिए। साथ ही इलाज की व्यवस्था तुरंत की जाए। इलाज में किसी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। गाँव में 24 घंटे डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस तैनात रहनी चाहिए। सरकारी अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था रहनी चाहिए।
इनके अलावा शिवराज ने कमलनाथ सरकार से मांग की हैं कि वह सरकारी अस्पतालों के साथ प्राइवेट अस्पतालो भी बात करें। हमारी सरकार में बड़ी बीमारी के समय प्राइवेट अस्पतालों से भी बात करते थे। मरीजो को 50 हज़ार रुपए इलाज के लिए सरकार तुरंत दे। जिस परिवार में किसी की मृत्यु हुई है उन्हें संबल योजना के अंतर्गत 4 लाख रुपए तुरंत दिए जाएं। नूरगंज गाँव की जनसँख्या करीब चार हजार है। जनसंख्या के हिसाब से पानी की व्यवस्था की जाए। यहां की पाइपलाइन 30 साल पुरानी है उसे दुरुस्त किया जाए और इसी दौरान नई पाइपलाइन बनाने की दिशा में सरकार काम करे।
