ओंकारेश्वर। मालवा भ्रमण पर निकले भगवान ओंकारेश्वर वापस तीर्थ नगरी में लौट आए हैं। इस अवसर पर मंदिर को अच्छी तरह से सजाया गया था। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का फूलों से आकर्षक शृंगार किया गया।
दरअसल प्राचीन मान्यता के अनुसार ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में स्वयंभू प्रकट भगवान ओमकारेश्वर कार्तिक सुदी मास में मालवा भ्रमण पर जाते हैं। इस वर्ष 4-5 नवंबर को भगवान ओंकारेश्वर मालवा भ्रमण पर गए थे।
ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा भगवान के लौटने पर मूल स्वरूप पर भगवान का श्रृंगार किया गया। ओंकारेश्वर के पंडित गोपेश्वर दीक्षित और अनेकों पंडितों द्वारा भगवान के लौटने पर सभी धार्मिक आयोजन संपन्न करवाए गए।
पंडित निलेश पुरोहित ने बताया कि प्राचीन समय से मान्यता है कि ओंकार जी महाराज मालवा के भक्तों का हालचाल जानने के लिए मालवा जाते है। पूर्व में ओंकार जी महाराज पालकी में सवार होकर ओंकारेश्वर से मालवा भ्रमण लाव लश्कर एवं गाजे-बाजे के साथ के साथ रवाना होते थे।
श्रीजी ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट अब समय के परिवर्तन के साथ अब पालकी नही जाती है। मंदिर भगवान को पूजा पाठ संपन्न करवा कर मालवा के लिए रवाना कर गेंहू के आटे गुड़ घी को सेककर प्रसाद बनाया जाता है। भगवान के ओंकारेश्वर आते ही सभी धार्मिक कार्यक्रम का लुफ्त दूर से आए शिवभक्त उठाने लगे हैं।
