खरगोन। “सुनो, सुनो गाँव वालों सुनो, जो पालक अपने बच्चों को नियमित शाला नहीं भेजेंगे उनके घर आकर हम रोज ढोल बजाएंगे।” प्रदेश के एक गाँव में शिक्षक स्कूल नहीं आने वाले बच्चों को इसी तरह प्रेरित कर रहे हैं। इस पहल के तहत शिक्षक स्कूल से लगातार अनुपस्थित बच्चों के घर के सामने ढोल-ताशे बजाकर बच्चों के माता-पिता से बच्चों को स्कूल भेजने की गुहार लगा रहे हैं।
बच्चों को स्कूली शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है। इसके बाद भी जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो खरगोन जिले के कसरावद विकासखण्ड के ग्राम टिगरियाव में शिक्षकों ने बच्चों को प्रेरित करने के लिए अनोखी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत शिक्षक स्कूल से लगातार अनुपस्थित बच्चों के घर के सामने ढोल-ताशे बजाकर उन्हें स्कूल आने के लिए कह कर रहे हैं। शिक्षक यह अनोखा काम इसलिए भी कर रहे क्योंकि इस वर्ष 5वी व 8वी की परीक्षाएं बोर्ड हो गई है। जिससे स्कूल से लगातार अनुपस्थित बच्चे बोर्ड परीक्षाओं में फेल नहीं हो।
शाला के प्रधान पाठक शिव पाटीदार का कहना है कि बोर्ड परीक्षा होने से बच्चो के परीक्षा के डर को भगाने के लिए शाला में शिक्षको द्वारा बारी-बारी से अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही है। जो बच्चे शाला नही आ रहे है उनके घर के सामने शाला के शिक्षकों और बच्चो द्वारा ढोल बजाये जा रहे है। गाँव के सरपंच यशवंत यादव का भी कहना है कि ग्राम के शिक्षकों द्वारा अच्छी पहल की जा रही है। इसमें ग्राम पंचायत भी पूर्ण सहयोग देगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर भी एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
