नरसिंहपुर। ड्यूटी के दौरान अपने पति को खो चुकी महिला जब अपनी समस्या लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंची तो कलेक्टर भी मामले को जानकर हैरान रह गए। कलेक्टर ने भी माना कि जब महिला ने 2005 में ही संविदा शिक्षा परीक्षा को पास कर लिया है तो प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा 2017 के बाद की पात्रता की मांग करना न्यायोचित नहीं है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और सीईओ को तलब कर कर मामले पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया है। कलेक्टर के आदेश के बाद अब पीड़ित महिला को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
दरअसल नरसिंहपुर की रहने वाली साधना मेहरा के पति कन्हैया लाल मेहरा सहायक शिक्षक थे। साल 2017 में ओडीएफ अभियान में उनकी ड्यूटी लगे गई थी। ड्यूटी से लौटते समय सड़क दुर्घटना में कन्हैया लाल की मौत हो गई थी। तब से आज तक ना ही पीड़ित परिवार को कोई आर्थिक मदद मिली और ना ही अनुकंपा नियुक्ति। पीड़िता ने साल 2005 में ही संविदा शिक्षा परीक्षा पास कर अनुकंपा नियुक्ति पाने की पात्रता हासिल कर ली थी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी महिला से पति की मृत्यु के बाद संविदा शिक्षा परीक्षा पास करने का प्रमाण मांग रहे हैं।
पीड़िता का आरोप है कि उसे किसी तरह से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। पहले कहते थे कि आपको संविदा शाला पात्रता पास करने का प्रमाणपत्र लाना होगा जबकि मैंने 2005 में ही संविदा शाला की पात्रता को पास किया था। अब वह कह रहे हैं कि पति की मौत 2017 में हुई है तो 2017 के बाद की पात्रता चाहिए। यह कैसा कानून है उसकी भी समझ से परे है। पिछले तीन साल से चक्कर लगा रही हूं। एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर जाती हूं। पर किसी को मेरी और तरस नहीं आता। मेरे तीन छोटे बच्चे हैं और मैं अब हिम्मत हार चुकी हूं। क्या शायद मेरे पति का यही गुनाह है कि उन्होंने सरकारी आदेश का पालन किया।
गुरुवार को पीड़िता एक बार फिर से कलेक्टर कार्यालय पहुंची तो कलेक्टर भी उसके मामले को जानकारी हैरान रह गए। कलेक्टर ने प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा 2017 के बाद की पात्रता की मांग को गलत बताया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और सीईओ को मामले पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया है। कलेक्टर का मानना है कि पीड़िता को अब तक पहले ही नौकरी मिल जानी थी लेकिन अधिकारियों की कन्फ्यूजन के चलते उसे परेशान होना पड़ रहा है। वह पूरी तरह नौकरी पाने की पात्रता रखती है। हालांकि मामला संज्ञान में लिया गया है जल्द ही इस पर निर्णय कर लिया जाएगा।
